'हां, मैंने देखी भाई की दरिंदगी, कुर्बानी वाले चाकू से रेते सबके गले'
ठाणे के कासारवडवली में हुए जघन्य हत्याकांड में जिंदा बची हसनैन वरेकर की बहन साबिया भानमल सदमे में है। उसे भी नहीं पता कि हसनैन अचानक इतना खूंखार कैसे हो गया।
अस्पताल में भर्ती साबिया ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा है कि घर में कोई झगड़ा नहीं हुआ था। ऐेसे में हत्याकांड की यह गुत्थी और भी उलझ गई है और साबिया के बयान से हत्याकांड के रहस्य उजागर होने का इंतजार कर रही पुलिस को भी अब काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।
साबिया ने पुलिस को सिर्फ यही बताया कि हसनैन ने किस तरह परिवार के लोगों पर कुर्बानी देने वाले चाकू से हमला किया। लेकिन, उसने परिवार के सभी लोगों की एक साथ हत्या करने की मूल वजह के बारे में कुछ नहीं बताया। साबिया के बयान के बाद पुलिस ने जादू-टोना और अंधविश्वास जैसे हलुओं पर भी जांच शुरू कर दी है।
तनाव में सामूहिक हत्या की संभावना कम: मनोचिकित्सक
वरेकर शिक्षित परिवार था। इसलिए परिवार की सामूहिक हत्या करने का मामला गूढ़ रहस्य बन गया है। मनोचिकित्सक डॉ. प्रज्ञा दीवाण का कहना है कि शिक्षित व्यक्ति भी अंधविश्वास में यकीन रखता है।
ऐसे में किसी अंधविश्वास से प्रेरित होकर परिवार की एक साथ हत्या का कदम उठाने जैसी वारदात संभव है।
उन्होंने कहा कि तनाव में व्यक्ति एक बार आत्महत्या कर सकता है लेकिन पूरे परिवार की योजनाबद्ध तरीके से हत्या की संभावना कम रहती है लेकिन इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
दो साल पहले भी परिवार हुआ था जहरखुरानी का शिकार
इस भयानक हत्याकांड में एक नई चीज सामने आई है कि दो साल पहले भी यह परिवार जहरखुरानी का शिकार हुआ था।
एक बाबा ने परिवार को औषधि दी थी, जिसके सेवन के बाद परिवार के सदस्यों को उल्टियां शुरू हो गई थीं। इसके बाद सबको अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद सबके ठीक होने से यह मामला ज्यादा उछला नहीं।
स्थानीय पार्षद नरेश मरोणा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जहरखुरानी की घटना हुई थी। सहायक पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे ने इस मामले में कुछ कहने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जिस अस्पताल में वरेकर परिवार का इलाज हुआ था पुलिस उसका रिकॉर्ड मंगाएगी।
क्या पुलिस सुलझा पाएगी हत्याकांड की गुत्थी?
शनिवार की रात वरेकर परिवार ने तंदूर के साथ शरबत भी पिया था। पुलिस जांच में इस पर भी ध्यान दे रही है। पुलिस के लिए यह गुत्थी सुलझाने की बड़ी चुनौती है कि आखिरकार हसनैन वरेकर ने अपने परिवार के 14 लोगों की इतनी बेरहमी से हत्या क्यों की? क्या इस हत्याकांड की वजह पारिवारिक या प्रॉपर्टी विवाद था? क्या किसी की वरेकर परिवार के साथ कोई रंजिश थी? तमाम अनसुलझे सवालों का जवाब ढूंढ रही ठाणे की पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।
पुलिस उपायुक्त वीबी चंदनशिवे ने कहा कि ऐसे मामलों में अक्सर हत्या करने के बाद आत्महत्या करने वाला शख्स सुइसाइड नोट छोड़ता है, लेकिन इस घटना में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि वरेकर के घर से 14 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त कर जांच की जा रही है।
पड़ोस के लोगों का कहना है कि वरेकर परिवार की कोई आर्थिक अड़चन भी नहीं थी। हसनैन के पिता अनवर वरेकर सेवानिवृत्त थे और वह इस्टेट एजेंट का व्यवसाय करते थे। वह आनंद नगर दरगाह के ट्रस्टी भी थे। वहीं, हसनैन भी सीए के सहायक के रूप में नवी मुंबई में नौकरी करता था और हर महीने 40 हजार रुपये वेतन पाता था। बताया जा रहा है कि वह बहुत ही धार्मिक प्रवृत्ति का था।