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हमीरपुर में पुलिस ने छात्रा का शव नदी में फेंका

Mon, 27 Jul 2015 09:05 PM IST
Updated Mon, 27 Jul 2015 09:05 PM IST
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Tension continues in Hamirpur of police atrocites

हमीरपुर में छेड़छाड़ से आहत छात्रा के सुसाइड के बाद शव सड़क पर रख आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे परिजन से शव छीन यमुना में फेंक दिया। हमीरपुर में छेड़छाड़ से आहत छात्रा के सुसाइड के बाद शव सड़क पर रख आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे परिजन पर पुलिस ने हमला बोल दिया।

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पुलिस ने जोरदार लाठीचार्ज कर परिवारीजनों को खदेड़ दिया। इतना ही नहीं, पुलिस ने माता पिता से मृत छात्रा का शव छीन लिया और यमुना में फेंक दिया। परिवारीजन छात्रा के अंतिम संस्कार के लिए पुलिस से गिड़गिड़ाते रहे लेकिन वे नहीं पसीजे। पुलिस के इस रवैये से लोगों से आक्रोश है। थाना बिवांर कस्बे में शनिवार को रात भर बवाल चलता रहा।
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आगजनी, पथराव और फायरिंग के बाद भारी पुलिस बल जाम स्थल पर पहुंचा और लाठियां भांजना शुरू कर दीं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने रात में जामस्थल से उठाकर लाए गए छात्रा के शव को माता पिता की मर्जी के बिना यमुना नदी में फेंक दिया।
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मंत्री के दखल के बाद रिहा हुए परिजन

Tension continues in Hamirpur of police atrocites

साथ ही परिजन हंगामा न करें इसलिए उन्हें बंधक बनाकर गुप्त स्थान पर रखा। रविवार को केंद्रीय मंत्री के पहुंचने पर उन्हें रिहा किया गया। मृत छात्रा के माता पिता के सामने आने पर पुलिस की यह असलियत उजागर हुई।

उधर, गोली लगने से मरे रोहित पांडेय के परिजनों ने जब रात में शव का पोस्टमार्टम कराने का दबाव बनाया तो उन्हें समझा-बुझाकर सुबह पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी कर लिया। रविवार सुबह केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति पोस्टमार्टम हाउस पहुंची और उन्होंने एएसपी आदित्य प्रकाश वर्मा से घटना की जानकारी ली। साथ ही छात्रा के शव और उनके परिजनों के गायब करने पर सवाल उठाए।

काफी देर तक गोलमोल जवाब देने के बाद आखिरकार पुलिस को मृतका के परिजनों को सामने लाना पड़ा। केंद्रीय मंत्री को देख छात्रा के पिता राजकुमार  फफक कर रो पड़े। पुलिस पर मारपीट कर बंधक बनाए रखने का आरोप लगाया और उनकी गैरमौजूदगी में शव को यमुना नदी में फेंकने की जानकारी दी। इस घटना से जहां लोगों में आक्रोश है वहीं राजनीतिक दलों में भी हलचल मच गई है।

कोर्ट के आदेश का उल्लंघन

Tension continues in Hamirpur of police atrocites

सुप्रीम कोर्ट ने नदियों में शवों को बहाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बावजूद रविवार को प्रभारी आईजी जोन भगवान स्वरूप, मंडलायुक्त कल्पना अवस्थी, डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी की मौजूदगी में पुलिस की गोली से मरने वाले रोहित पांडेय का यमुना नदी में जल प्रवाह कर दिया गया।

प्रभारी आईजी से इस पर सवाल किया गया तो बोले कि उन्हें रोक के संबंध में जानकारी नहीं है। लोग अपनी परंपरा के अनुसार जल प्रवाह करते हैं। उन्होंने मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया। प्रभारी आईजी जोन भगवान स्वरूप ने बताया कि बिवांर थानाध्यक्ष गिरेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है। छात्रा से छेड़खानी करने वाले मुख्य आरोपी जितेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस ने बवाल करने वाले 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं 34 को नामजद कर 900 अज्ञात लोगों पर गंभीर धाराओं पर रिपोर्ट दर्ज की है।

जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने बताया कि पुलिस फायरिंग में मौत का शिकार हुए युवक रोहित के परिजनों को 5 लाख व घायल कल्लू उर्फ सलीम (40), जयकरन (50) पुत्र रामाधीन व छात्र अनिल वर्मा (15) पुत्र निरंजन वर्मा के परिजनों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। साथ ही घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश किए गए हैं।

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