तरुण तेजपाल पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 22 Nov 2013 11:41 AM IST
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स्टिंग ऑपरेशनों के जरिए देश की राजनीति में भूचाल खड़ा करने वाले खोजी पत्रकार और तहलका पत्रिका के संपादक तरुण तेजपाल से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामले ने देशभर में तहलका मचा दिया है।
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अपनी पुत्री की उम्र की सहकर्मी महिला पत्रकार के साथ गोवा में दो बार यौन उत्पीड़न के मामले में चौतरफा घिरे तेजपाल पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
गोवा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर तेजपाल को पूछताछ के लिए समन भेजने की घोषणा की है। पीड़ित महिला पत्रकार ने तहलका पत्रिका के प्रबंधन के ढीले रुख पर तीखी नाराजगी जाहिर कर तेजपाल की मुसीबत को और बढ़ा दिया है।
तरुण तेजपाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गोवा पुलिस ने तेजपाल द्वारा यौन उत्पीड़न के मामले की जांच तेज करते हुए इस घटना से जुडे़ सीसीटीवी फुटेज हासिल कर लिए हैं।

पुलिस ने प्रबंध संपादक शोभा चौधरी से भी इस घटना के बारे में विवरण मांगा है। इस बीच तहलका की संपादक शोभा चौधरी ने कहा है कि उन्होंने मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच करवा रही है और जल्द ही इस बारे में निर्णय लिया जाएगा।

उधर, महिला पत्रकार के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का मामला तूल पकड़ने के बाद अब राष्ट्रीय महिला आयोग भी सक्रिय हो गया है।

आयोग इस मामले को संज्ञान में लेते हुए छानबीन शुरू करने की तैयारी में है। मामले की जांच के लिए आयोग की टीम जल्द गोवा रवाना होगी। आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने बताया कि इस मामले में गोवा पुलिस की मदद के लिए सबूत इकट्ठा किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अगर तहलका के संपादक तरुण तेजपाल पर लगाए गए आरोप सच साबित होते हैं तो यह कोशिश की जाएगी कि उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। हालांकि इस मामले में आयोग महिला पत्रकार की शिकायत भी दर्ज करना चाहता है।

तेजपाल की ओर से संपादक पद से छह महीने के लिए हटने की घोषणा पर शर्मा ने कहा कि वे भगवान नहीं हैं, इसलिए वे खुद के लिए सजा की अवधि नहीं तय कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से संभ्रात समाज में महिलाओं की दशा का पता चलता है। ज्यादातर मामले दब जाने के कारण सामने नहीं आ पाते हैं, महिलाओं पर अत्याचार कम नहीं हुआ है।
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