उसने फोन पर फ्रेंड से कहा 'गुडबाय' और कूद गई ट्रेन के आगे
वेरोनिका रोमेरो लोपेज नाम की 18 वर्षीय युवती की आत्महत्या के मामले में लंदन की एक अदालत ने फैसला सुनाया है। अदालत ने युवती को ही अपनी आत्महत्या के लिए दोषी माना है। कोर्ट के मुताबिक युवती की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। साल 2010 में युवती के पिता ने आत्महत्या कर ली थी।
पिता की मौत के बाद वेरोनिका की मानसिक हालत और खराब होती गई। साल 2014 में एक दिन फोन पर दोस्त से बात करते-करते वेरोनिका इतनी अपसेट हो गई कि उसने पहले अपनी एक सहेली को फोन पर गुडबाय कहा और दक्षिणी लंदन के विंबलडन स्टेशन पर तेज रफ्तार ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी।
उधर सहेली के पिता के मुताबिक वेरोनिका ने उसकी बेटी से बात करते हुए फोन पर कहा था कि उसका कोई दोस्त फेसबुक पर उसे प्रताड़ित कर रहा है। जिससे परेशान होकर उसने मौत को गले लगाने का निश्चय किया है। लेकिन कोर्ट ने वेरोनिका की मौत के लिए किसी दोस्त को जिम्मेदार नहीं माना है।
अदालत ने माना मौत के लिए युवती की मानसिक हालत जिम्मेदार
वेरोनिका के भाई के मुताबिक वेरोनिका की मानसिक हालत
शुरू से ही ठीक नहीं थी। वो कभी-कभी अचानक दातों से हाथ काट लेती थी और
अजीब हरकतें करने लगती थी। वो नियमित तौर पर दवाइंयां भी नहीं लेती थी।
पिता
की आत्महत्या ने वेरोनिका को अंदर से आहत कर दिया था। जिसकी वजह से उसकी
हालत और खरीब होती गई। वेरोनिका पहले एक शू कंपनी में काम करती थी लेकिन
बाद में एक बार में काम करने लगी थी।
भाई के मुताबिक बार में काम
करने के दौरान वेरोनिका की दिमागी हालत और बिगड़ती गई शायद नए व्बॉयफ्रेंड
से ब्रेक-अप के चलते ऐसा हुआ हो। वेरोनिका के भाई ने बताया कि परिवार में
वो ही पहला शख्स था जिसे उसकी बदनसीब बहन की मौत की खबर मिली थी।