पीटर-इंद्राणी के करीबी पुलिसवालों पर CBI की नजर
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शीना बोरा हत्याकांड में कथितौर पर मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी और उसके पति पीटर की मदद करने वाले पुलिस अफसरों बुरे दिन आ सकते हैं।
मामले की जांच देख रही सीबीआई उन पुलिस वालों तक पहुंच गई पहुंच गई जिन्होंने शुरुआत में शीना की हत्या के बाद इंद्राणी और पीटर का बचाने का काम किया था। मिड-डे के अनुसार, मुंबई के टारडियो थाने के सब इंस्पेक्टर ने इंद्राणी और पीटर को फर्जी दस्तावेज बनाने में मदद की थी।
शीना की हत्या के ठीक बाद पीटर और इंद्राणी थाने में जाकर शीना के फ्लैट का रेंट एग्रीमेंट रद्द कराने का वेरीफिकेशन किया था। गौरतलब है कि इस फ्लैको पीटर के बेटे राहुल और शीना ने मिलकर एक साथ लिया था। रेंट एग्रीमेंट रद्द कराने और उसके वेरीफिकेशन के शीना के दस्तखत चाहिए था जो थाने के दरोगा ने ही बना दिए थे।
लाई डिटेक्टर टेस्ट से खुलेगा पीटर का झूठ
मामले में सीबीई जल्द ही मुंबई पुलिस के आरोपी अफसरों को हिरासत में लकर पूछताछ कर सकती है। वहीं पीटर मुखर्जी भी सीबीआई को मामले में सवालों का सही जवाब नहीं दे रहा जिसके लिए लाई डिटेक्टर जांच की तैयारी की जा रही है।
शुक्रवार को सीबीआई ने विशेष अदालत से पीटर का लाई डिटेक्टर टेस्ट करने की अनुमति मांगी थी जिससे की पीटर के झूठ से पर्दा उठ सके।
डीएनए के अनुसार, सीबीआई की विशेष अदालत ने पीटर मुखर्जी का लाई डिटेक्शन टेस्ट करने की अनुमति दे दी है। इस टेस्ट से पीटर से वो सब जानकारी हासिल की जा सकेगी जिसे वह अभी तक सीबीआई की पूछताछ में छुपा रहा था।