फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Crime Archives ›   talwars wept after verdict, says fight will go on

आरुषि केसः राजेश-नूपुर बोले, अन्याय हुआ

Tue, 26 Nov 2013 04:33 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 26 Nov 2013 04:33 AM IST
विज्ञापन
talwars wept after verdict, says fight will go on

गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत में सोमवार को खासा हंगामा रहा। देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री पर फैसला आना था, सो इस दिलचस्पी की वजह भी समझी जा सकती थी।

विज्ञापन


लेकिन अदालत के भीतर जब न्यायाधीश एस लाल ने फैसला सुनाया, तो भीड़ के बीच कुछ लोग ऐसे थे, जो अचानक टूट गए।

अदालत का निर्णय रहा कि आरुषि और हेमराज का कत्ल किसी और ने नहीं, बल्कि बच्ची के माता-पिता नूपुर और राजेश तलवार ने किया।

पढ़ें:- आरुषि के मां-बाप पर शक की 5 बड़ी वजहें
विज्ञापन


जज के फैसला सुनाते ही राजेश और नूपुर के आंसू झरने लगे। साथ ही अदालत में मौजूद तलवार परिवार के नाते-रिश्तेदारों के चेहरे भी सफेद पड़ गए।

तलवार परिवार ने निराशा जताई
अदालत के बाहर जब वकील इस फैसले की जानकारी मीडियाकर्मियों तक पहुंचा रहे थे, तभी एक कागज का पुर्जा उन मां-बाप का पैगाम लेकर आया, जिनकी बच्ची का कत्ल देश के सबसे बड़े रहस्यों में से एक बन गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें:- आरुषि केस के 5 साल, कब क्या हुआ?


इस बयान में लिखा था, "हम ऐसे अपराध के लिए दोषी ठहराए जाने पर बेहद निराश, दुखी और हताश महसूस कर रहे हैं, जो हमने नहीं किया। लेकिन हम हार नहीं मानेंगे और न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।"

रिश्तेदारों का कहना है कि आरुषि के पिता राजेश तलवार ने उनसे कहा, "लड़ाई आगे भी जारी रखनी है। हार नहीं माननी।"

हाई कोर्ट जाने की तैयारी
दोनों को डासना जेल ले जाया गया है। अदालत के बाहर राजेश के भाई दिनेश तलवार ने कहा कि आरुषि और हेमराज को आज न्याय नहीं मिला।

पढ़ें:- पुलिस की 5 गलतियां, जिनसे उलझा आरुषि मर्डर केस

उन्होंने साफ कर दिया कि राजेश और नूपुर के वकीलों ने हाई कोर्ट जाने का फैसला किया है और इस सिलसिले में जल्द ही कदम उठाए जाएंगे।

दिनेश ने कहा, "हम हारे नहीं हैं, बल्कि न्याय की यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। हमें उम्मीद है कि उच्च न्यायालय से न्याय मिलेगा। न्यायपालिका में हमें पूरा भरोसा है।"

पढ़ें:- आरुषि-हेमराज हत्याकांड जैसे 5 हाई-प्रोफाइल मामले

तलवार परिवार की पैरवी करते हुए एक महिला ने कहा, "अदालत ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। ऐसा लगा जैसे सभी लोग पहले ही फैसला कर चुके थे कि इस मामले में फैसला क्या आना है। जैसे सभी को पता था कि क्या होने वाला है।"

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed