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Hindi News ›   News Archives ›   Crime Archives ›   TalkTalk attack: 'Urgent action needed' on cyber-crime

साइबर हमले से थर्राया लंदन, कारोबारियों में चिंता का माहौल

Sat, 24 Oct 2015 04:56 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 24 Oct 2015 04:56 PM IST
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TalkTalk attack: 'Urgent action needed' on cyber-crime

फोन और ब्रॉडबेंड प्रोवाइडर कंपनी टॉक-टॉक पर मुसीबत का पहाड़ टूट गया है। साइबर बदमाशों ने कंपनी के करीब 40 लाख बैंक खातों को हैक कर लिया है। इस हमले में बैंक खातों से कितनी मात्रा में डेटा चुराया गया, अभी ये पता नहीं लग सका है।

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बीबीसी की खबर के मुताबिक टॉक-टॉक कंपनी पर हुए साइबर हमले ने न सिर्फ कंपनी और इसके ग्राहक बल्कि पूरे लंदन के कारोबारियों को चिंता में डाल दिया है। वारदात को बीते गुरुवार को अंजाम दिया गया था। जिसको लेकर घबराए लंदन के तमाम बड़े कारोबारियों ने शनिवार को बैठक कर चिंता जाहिर की और मामले को जल्द सुलझाने की मांग की।
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पुलिस की मानें तो हैकरों से डेटा वापस लेने की पुरजोर कोशिश की जा रही है। साइबर क्राइम की कंसल्टेंट एड्रियन क्युले ने एक साक्षात्कार में बताया कि हैकरों ने हाई वेल्यु डेटा में सेंधमारी की है, जिसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि टॉक-टॉक के ग्राहकों की बैंक डिटेल से अहम क्या हो सकता है, हालांकि जिन लोगों ने खातों की जानकारी साइट पर डाली थी, उन्होंने खातों के शॉर्ट कोड का ही इस्तेमाल किया था।
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गृहमंत्रालय के भारी निवेश के बावजूद सुरक्षा में सेंध

TalkTalk attack: 'Urgent action needed' on cyber-crime

आईओडी सीनियर कॉरपोरेट गवर्नेंस एडवाइजर ओलिवर पेरी ने पुलिस से इस साइबर हमले को प्राथमिकता से लेने को कहा है। साथ ही उन्होंने कंपनियों को सलाह दी कि वो इस तरह के जोखिम से आगाह रहें और जहां से भी सुरक्षा में सेंधमारी की गुजाइश दिखाई देती है वहां पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामात करें।

गृह मंत्रालय के मुताबिक राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा कार्यक्रम के माध्यम से साइबर सुरक्षा में 860 मिलियन पाउंड का निवेश किया जा चुका है। फिर भी आए दिन ऐसी वारदाते को अंजाम दिया जा रहा है।

गृहमंत्रालय की चयन समिति के अध्यक्ष और लेबर पार्टी से सांसद कीथ वाज ने कहा है कि उन सलाहों पर जरूर गौर किया जाना चाहिए जिनसे लगता है कि टॉक-टॉक साइबर हमले से हुए नुकसान की भरपाई की जा सकती है।

टॉक-टॉक ने इस इस हमले की निंदा करते हुए खेद जताया कि 36 घंटे में मामला पूरी तरह से सार्वजनिक हो गया। कंपनी के मुताबिक कंपनी की वेबसाइट अब फिर से सुरक्षित है।

टॉक-टॉक पर ये तीसरा साइबर हमला

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कंपनी की मानें तो टीवी, ब्रॉडबैंड, मोबाइल और फोन सेवाएं इस साइबर हमले से प्रभावित नहीं हुई हैं। हालांकि सेल्स वेबसाइट 'माई अकाउंट' अब भी ठीक से काम नहीं कर रही है, लेकिन जल्द ही इस समस्या को सुलझा लिया जाएगा।

टॉक-टॉक ने इस बात से मना नहीं किया गया है कि लोगों के खातों से छेड़खानी हुई है। वहीं ये तीसरी दफा है जब टॉक-टॉक कंपनी को हैकर्स ने अपना निशाना बनाया है।

बीते अगस्त में कंपनी की मोबाइल सेल्स साइट को निशाना बनाया गया था। वहीं बीती फरवरी में टॉक-टॉक के ग्राहकों को उन घोटालेबाजों से आगाह किया गया था, जिन्होंने हजारों नाम और खाता नंबरों को चुराने का काम किया था।

गूगल और मैकएफी के अनुसार रोजाना दो हजार साइबर हमले दुनिया भर में होते हैं, जो विश्व की अर्थव्यवस्था पर 300 बिलियन पाउंड का असर डालते हैं।

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