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नीतीश कटारा हत्याकांडः यादव भाइयों को राहत नहीं

Mon, 17 Aug 2015 06:27 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 17 Aug 2015 06:27 PM IST
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supreme court upholds conviction of Vikas Yadav, Vishal Yadav and Sukhdev Pehalwan

चर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने विकास यादव, विशाल यादव, सुखदेव को दोषी ठहराए जाने के फैसले को सही माना है। हालांकि इस हाइप्रोफाइल हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट सजा की अवधि पर सुनवाई के लिए राजी हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सजा की अवधि के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है।

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हत्या में दोषी ठहराए जा चुके यादव भाइयों को पहले 25-25 साल की सजा दी गई थी लेकिन फरवरी 2015 में दिल्ली हाईकोर्ट ने विकास यादव की सजा बढ़ाकर आजीवन कारावास कर दी थी। वहीं विशाल यादव की सजा भी ऑनर किलिंग में हत्या का सबूत मिटाने के लिए पांच साल और बढ़ाते हुए 30 साल कर दी थी।
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दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले को यादव भाइयों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती थी जिसकी सुनवाई सोमवार को हुई। इस सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुरक्षित रखते हुए मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भेजा है।

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क्यों हुई थी नीतीश कटारा की हत्या?

supreme court upholds conviction of Vikas Yadav, Vishal Yadav and Sukhdev Pehalwan

दबंग नेता डीपी यादव के बेटे विकास यादव की बहन भारती यादव के साथ नीतीश कटारा का प्रेम प्रसंग चल रहा था जो विकास यादव को पसंद नहीं था। विकास यादव ने इसका विरोध भी किया था।

विकास यादव ने एक तय रणनीति के तहत 17 फरवरी 2002 को नीतीश को गाजियाबाद के एक होटल में चल रही शादी की पार्टी से अपहरण कर करवा लिया था और फिर उसी रात उसे मौत के घाट उतार दिया था। विकास यादव और उसके चचेरे भाई विशाल यादव को अदालत की ओर से 2008 में दोषी ठहराया गया था। अदालत ने यादव भाइयों को 25-25 साल की जेल की सजा दी थी जबकि सुखदेव पहलवान को 20 साल की।

लेकिन अदालत के इस फैसले पर नीतीश कटारा की मां ने असंतोष जताया था और हत्यारों को मृत्युदंड दिलाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने विकास यादव की सजा 25 साल से बढ़ाकर आजीवन कारावास में बदल दी थी और विशाल यादव की सभी भी पांच साल बढ़ाई थी।

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