यूपी: टीचर बना हैवान, तोड़ दी गर्दन!
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कठिन शब्दों के उच्चारण में अटकने पर आठवीं के छात्र को ऐसी सजा मिली, जिसका दर्द जिंदगी भर उसे सताएगा। गुस्साए शिक्षक ने उसकी गर्दन में जोरदार घूंसा मारा, जिससे छात्र के गले की हड्डी में फ्रैक्चर आया है।
गले की नसें ब्लॉक होने पर उसके शरीर का आधा हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। स्थानीय दो अस्पतालों में भर्ती कराए जाने के बाद छात्र को एम्स रेफर कर दिया गया। उधर, आरोपी शिक्षक के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कंकरखेड़ा (मेरठ) के न्यू अशोक पुरी में रहने वाला पीड़ित किशोर गौरव (13) पुत्र मुकेश कुमार पैंठ बाजार स्थित डीएवी इंटर कॉलेज का छात्र है। बुधवार को वह स्कूल गया था। शिक्षक बिजेंद्र कुमार कक्षा में एक-एक करके छात्रों से इतिहास की किताब पढ़वा रहे थे।
गौरव का नंबर आया तो उसने भी खड़े होकर किताब पढ़ना शुरू की। कठिन शब्दों का उच्चारण ठीक से नहीं कर पाने के कारण गुस्साए शिक्षक ने छात्र की गर्दन में घूंसा मार दिया। छात्र बेहोश होकर गिर पड़ा।
काम नहीं कर रहे हाथ-पैर
छात्र के बेहोश होने की सूचना से कॉलेज में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कॉलेज का स्टाफ ही उसे कैलाशी अस्पताल लेकर पहुंचा। यहां छात्र का एक्सरे वगैरह कराया गया। रिपोर्ट के आधार पर डॉ. अजय मलिक ने बताया कि उसकी गर्दन की हड्डी में फ्रैक्चर है। नसें ब्लॉक होने से उसका एक हाथ और पैर काम नहीं कर रहा है।
छात्र की गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टरों ने शुक्रवार सुबह उसे सुभारती हॉस्पिटल रेफर कर दिया। सुभारती से उसे एम्स रेफर किया गया।
वहीं, छात्र के पिता ने कंकरखेड़ा थाने में आरोपी शिक्षक के खिलाफ जानलेवा हमले के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई। बावजूद इसके पुलिस ने आरोपी को दो दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं किया है। कॉलेज प्रशासन भी शिक्षक को बचाने में लगा हुआ है।
छात्र के पिता चाट का ठेला लगाते हैं। आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। उन्होंने बताया कि दो दिन के इलाज में ही उनके करीब 50 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। रोज कमाओ, रोज खाओ की इस स्थिति में यह घटना उनके लिए किसी बड़ी आपदा से कम नहीं। इसके बाद वो अपने बेटे को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
बच्चों पर इतनी बेरहमी
तमाम कोशिशों के बाद भी कुछ शिक्षक सुधरने को तैयार ही नहीं हैं। उनको समझना होगा कि बच्चे को मारने से नहीं बल्कि समझाने से ही सुधारा जा सकता है। एक महीने पहले भी हाईवे स्थित एक पब्लिक स्कूल के टीचर ने छात्र के कान में थप्पड़ मार दिया था। इससे उसके कान का पर्दा फट गया था।
छात्र का कसूर सिर्फ इतना था कि वह बिना एप्लीकेशन दिए छुट्टी पर चला गया था। दो दिन पहले सैनिक विहार निवासी एक सात साल के छात्र को डंडों से पीटा गया था। इससे उसके हाथों में सूजन आ गई थी।
जेडी ने दिए जांच के आदेश
मामले में जेडी डॉ. महेंद्र देव ने जिला माध्यमिक शिक्षा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाल सुरक्षा अधिनियम के तहत कॉलेज में पढ़ाई के दौरान किसी भी छात्र से मारपीट नहीं की जा सकती है। कहा कि यदि शिक्षक दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। शनिवार को जांच टीम विद्यालय का दौरा कर सकती है।
स्कूल के प्रधानाचार्य सुशील कुमार ने कहा कि शिक्षक ने छात्र को पीटा नहीं है। किताब न पढ़ पाने के कारण उन्होंने डांटा तो छात्र खुद ही बेहोश होकर गिर पड़ा। इस कारण उसकी गर्दन में फ्रैक्चर आ गया।