छेड़छाड़ से आहत एक और छात्रा ने दी जान
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छेड़छाड़ से आहत होकर हरियाणा में एक और छात्रा ने जहर खाकर जान दे दी। परिजन छात्रा के शव को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इंकार कर दिया। सामान्य अस्पताल में पहुंचे मृतका ललिता के चचेरे भाई बिहारी लाल ने बताया कि उसकी बहन गांव के राजकीय उच्च विद्यालय में पढ़ती थी।
बृहस्पतिवार को वह स्कूल की अन्य छात्राओं और शिक्षिकाओं के साथ हिसार स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की खंड स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए आई थी। दोपहर बाद सभी छात्राएं वापस अपने गांव के स्कूल में पहुंच गई।
स्कूल से ललिता अकेली घर की ओर लौट रही थी। तभी दो बाइकों पर तीन-चार युवकों ने उसके साथ छेड़खानी की। बिहारीलाल ने आरोप लगाया कि युवकों ने उसकी बहन के अपहरण का प्रयास भी किया।
बिहारी लाल ने बताया कि घटना से करीब थोड़ी ही दूरी पर मैं अपने गांव के कुछ लोगों के साथ पेड़ के नीचे बैठा हुआ था। युवकों को ललिता के अपहरण का प्रयास करते देखकर उसे बचाने के लिए पहुंचा, जिसमें तीन युवक एक बाइक पर सवार होकर भाग गए।
आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव लेने से इंकार
मोटरसाइकिल सवार एक युवक को ग्रामीणों की मदद से मौके पर ही पकड़ लिया। आरोपी युवक को पुलिस के हवाले किया गया। ललिता घर पहुंची तो उसके माता-पिता खेत में गए हुए थे। छेड़छाड़ से आहत ललिता ने घर के बाथरूम में जाकर जहर निगल लिया।
ललिता को बालसमंद के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे हिसार रेफर कर दिया। जब ललिता को हिसार ला रहे थे तो उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इंकार कर दिया।
वहीं, छेड़छाड़ से आहत होकर जान देने वाली अपनी मासूम बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए गांव डोभी के दलित समुदाय के लोग शुक्रवार को सामान्य अस्पताल में धरने पर बैठ गए। छेड़छाड़ के खिलाफ लोगों में इतना आक्रोश था कि कई सामाजिक संगठनों के लोग भी ग्रामीणों के साथ खड़े हो गए।
छेड़खानी का शिकार हुई नौवीं कक्षा की ललिता को इंसाफ दिलाने के लिए परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। परिजनों ने कहा कि ललिता ने चार लड़कों द्वारा छेड़छाड़ करने से आहत होकर जान दी। आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव को सामान्य अस्पताल से नहीं उठाएंगे।
तीन-चार युवकों ने की छेड़छाड़
अपनी मांग को लेकर ग्रामीण दिन भर सामान्य अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठे रहे। शाम होते-होते कई सामाजिक संगठन उनके समर्थन में उतर आए। सामाजिक संगठनों के सदस्य भी अस्पताल परिसर में परिजनों के साथ धरने पर बैठ गए।
धरने पर लड़कीके परिजनों के अलावा मृतका का भाई बिहारी लाल, ह्यूमन राइट ला नेटवर्क से अधिवक्ता रजत कलसन, गुरु रविदास महासभा के इंद्राज भारती, बसपा नेता कृष्ण जमालपुर, हरि सिंह बगला, दिलबाग, भंते काशीरत्न, बहुजन आजाद मोर्चो से संजय चौहान, डा. अंबेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया से प्रदीप अंबेडकर, डा. बीआर अंबेडकर महासभा से मनदेव सहित सैकड़ों दलित संगठन के कार्यकर्ता मौजूद थे।
अधिवक्ता रजत कलसन ने बताया कि पुलिस ने दलित छात्रा के सुसाइड मामले में एफआईआर तक दर्ज नहीं की थी। दलित संगठनों के रोष के बाद मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे में छेड़छाड़ व एससीएसटी एक्ट की धाराएं न जोड़कर मुकदमे को कमजोर करने का काम किया गया है। जांच ईमानदार पुलिस अधिकारियों की एसआईटी गठित करके होनी चाहिए।