यूपी: बेटी के साथ हुई दरिंदगी, अब दहशत में है परिवार
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मुजफ्फरनगर के मीरापुर में गैंगरेप की शिकार छात्रा के आत्महत्या कर लेने के बाद दबंगों ने गुरुवार की रात गांव में फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया। जांच के लिए विसरा प्रिजर्व किया गया है।
गांव में छात्रा के परिवार पर खौफ का साया है। मामला दो बिरादरियों से जुड़ा होने की वजह से तनाव है। गांव रसूलपुरगढ़ी गांव में दरिंदों के वहशीपन की वजह से गैंगरेप पीड़िता ने कोई जहरीला पदार्थ खाकर बृहस्पतिवार को आत्महत्या कर ली थी। जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान छात्रा की मौत हो गई थी।
परिजन छात्रा की लाश को लेकर पोस्टमार्टम के लिए गए थे, तभी दबंगों ने पीड़िता के घर के नजदीक छतों से हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की। रात में ही कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को इत्तला दी, लेकिन किसी ने गांव पहुंचने की जहमत नहीं उठाई।
पोस्टमार्टम के बाद सुबह सात बजे छात्रा की लाश गांव पहुंची। दोपहर में थाना प्रभारी शोएब मियां पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और पीड़िता के पिता से मामले की जानकारी ली।
डीएम के हस्तक्षेप से हुआ पोस्टमार्टम
ग्रामीणों का कहना है कि गैंगरेप के आरोपियों के दोस्त दहशत का माहौल पैदा कर परिवार को डराने की कोशिश कर रहे हैं। फायरिंग के दौरान गांव के कुछ समझदार लोगों ने स्थिति को संभाला। शुक्रवार को गमगीन माहौल में गंगा बैराज पर छात्रा के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
अपनी होनहार बेटी का शव लिए बेबस पिता रामपुर तिराहा स्थित पीएम हाउस पर मनुहार करता रहा, लेकिन डॉक्टरों ने रात में पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया। बाद में मीडिया के जरिए मामला डीएम तक पहुंचा। डीएम निखिलचंद्र शुक्ला के निर्देश पर सात घंटे के इंतजार के बाद सुबह तीन बजे किशोरी का पोस्टमार्टम किया गया।
मीरापुर के एक इंटर कॉलेज में कक्षा दस की छात्रा को आरोपी युवक पिछले काफी दिनों से ब्लैकमेल कर रहे थे। आरोपियों ने किसी तरह छात्रा की फोटो खींच ली थी। 20 अप्रैल को हुए गैंगरेप के आरोपी मयंक, अजय और पंकज जेल में हैं। पुलिस उस फोटो की बरामदगी के प्रयास में जुटी है, जिसे छात्रा को ब्लैकमेल किया जा रहा था।