महिलाओं की नीलामी का एक बड़ा खुलासा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के कई जिलों में महिलाओं की बोली लगती है। भावनपुर क्षेत्र से पिछले दिनों दो युवतियों के मिलने के बाद हुई विवेचना में यह खुलासा हुआ है।
स्पेशल जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए कोलकाता पुलिस के संपर्क में है। एक एनजीओ से भी मदद मांगी गई है।
बता दें भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव औरंगाबाद में एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) ने दो युवतियों को बरामद किया था। उड़ीसा और बिहार की इन दोनों युवतियों को अपहरण कर कोलकाता के हावड़ा ब्रिज लाया गया था।
हावड़ा और इकबाल नगर क्षेत्र हैं सेंटर
मेरठ लाकर 70 हजार रुपये में बेच दिया गया था, जबकि तीसरी युवती का पता नहीं लग पाया। एएचटीयू ने मौके से दो लोगों को भी गिरफ्तार किया था।
इसकी विवेचना सीओ स्वर्णजीत कौर कर रही हैं। विवेचना में सामने आया है कि बिहार, पश्चिम बंगाल समेत पूर्वांचल से युवतियों को बहला फुसलाकर कोलकाता लाया जाता है।
कोलकाता में हावड़ा और इकबाल नगर क्षेत्र मुख्य सेंटर बताए गए हैं। यहां से इन युवतियों को कहीं बेहतर नौकरी लगाने या फिर अच्छे घर में शादी कराने का झांसा देकर एनसीआर के मेरठ, बागपत, नोएडा, आगरा, दिल्ली, सहारनपुर आदि जिलों में लाकर बेच दिया जाता है।
दो युवतियों के मिलने के बाद हुई जांच में खुलासा
सीओ स्वर्णजीत कौर के अनुसार इससे पूर्व जब वे आगरा में तैनात थीं तो वहां भी इसी तरह का गैंग पकड़ा गया था।
सीओ ने बताया कि यह अपराध सुनियोजित और संगठित तौर पर हो रहा है। इस मामले में वांछित गौरी मामी और लालू की गिरफ्तारी अभी नहीं हो पाई है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गौरी ही यह पूरा नेटवर्क चलाती है। अभी तक दो दर्जन से ज्यादा लड़कियां कोलकाता से लाकर बेच चुकी है।
बरामद दोनों युवतियों से पूछताछ की गई है। इसमें कोलकाता से लेकर मेरठ तक की पूरी कहानी सामने आई है। कोलकाता पुलिस से भी इस संबंध में मदद मांगी गई है।