पड़ोसियों ने जैसे ही खोला दरवाजा, तो चीखते हुए भाग पड़े बाहर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धूमनगंज के न्याय नगर नींवा इलाके में मां-बेटे को जलाकर मार डाला गया। कई दिन से घर में सन्नाटा देख संशकित पड़ोसी शुक्रवार सुबह अंदर गया तो कमरे के फर्श पर मां-बेटे के जले शव देख चीखते हुए बाहर आया। फिर वहां भीड़ जुटी और धूमनगंज थाने की पुलिस पहुंची।
पति समेत परिजनों के गायब होने और मौके के हालात देखकर पुलिस ने भी इस कत्ल मानकर छानबीन शुरू की है। मृतका के पति ने दो ब्याह किए थे। पुलिस ने पहली पत्नी के बेटों को हिरासत में लिया है। फिलहाल पुलिस मान रही है कि जायदाद के चक्कर में ये दोनों कत्ल किए गए हैं।
मूलरूप से बिहार का रामचरित रेलवे का रिटायर्ड कर्मचारी है। उसने न्यायनगर नीवां में घर बना लिया। रामचरित की पहली पत्नी का निधन हो चुका है। पहली पत्नी से दो पुत्र और एक बेटी है।
पहली पत्नी की मौत के बाद 2002 में रामचरित ने रेलवे में साथ काम करने वाली विधवा फूलकली (45) से शादी कर ली थी। फूलकली के साथ वह न्यायनगर नींवा में रहने लगा था जबकि पहली पत्नी के बच्चे चौफटका के पास अलग रहते हैं।
पैसों के लिए अक्सर होता था झगड़ा
फूलकली को रामचरित से एक बेटा संदीप (13) हुआ था। 13 जनवरी 2015 को रामचरित रिटायर हो गया। दूसरी शादी के कुछ दिन बाद ही उनके बीच कलह होने लगी। फूलकली और रामचरित के बीच पैसों के लिए झगड़ा होता था।
रामचरित का भी पहली पत्नी के बच्चों के बीच प्रति लगाव बढ़ने लगा था। पिछले तीन महीने से रामचरित पहली पत्नी के बच्चों के साथ रहने लगा था। कभी-कभार ही फूलकली के पास आता था।
इधर कई रोज से फूलकली और उसका पुत्र संदीप नहीं दिखे तो शुक्रवार सुबह पड़ोसी रवि उनके घर के अंदर गया। चैनल गेट खुला था। अंदर कमरे में मां-बेटे के जले शव पड़े थे। कमरे के बाहर तख्त पर खून के निशान थे।
रवि ने बाहर आकर शोर मचाया तो वहां आसपास के लोग जुट गए। खबर पाकर इंस्पेक्टर धूमनगंज महेंद्र सिंह देव और सीओ सिविल लाइंस सचिंद्र पटेल आ गए।
पुलिस को शक, हत्या के बाद जलाया
मौके पर फील्ड यूनिट प्रभारी मनीषा सिंह को भी बुलाया गया। बाहर तख्त और कमरे में फर्श पर खून के धब्बे थे। पुलिस का अंदाजा है कि मां और बेटे को मारने के बाद जलाया गया था।
जिंदा जलाया गया होता तो उनकी चीख पड़ोसी जरूर सुनते। तख्त से कुछ दूर पर केरोसीन का गैलन पड़ा था। शव के पास काफी मात्रा में कपड़ों के जले टुकड़े मिले हैं।
दो दिन पहले पड़ोसियों ने फूलकली के घर से धुंआ उठते देखा था। खबर पाकर चौफटका से पहली पत्नी के बेटे बबलू और सोनू आ गए। उन दोनों ने कहा कि पिता रामचरित किसी काम से बिहार गए हैं।
इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह देव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद साफ होगा कि हत्या के बाद जलाया गया है या जिंदा। रामचरित के दोनों बेटों से पूछताछ की जा रही है। रामचरित को भी बुलाया गया है।
सीओ सिविल ने बताया कि फौरी जांच में हत्या के बाद जलाने की बात सामने आ रही है। शक है कि फूलकली और उसके बेटे को जायदाद पर कब्जा हासिल करने के लिए मारा गया है।