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पत्रकार को 15 महीने तक बंधक बनाकर गैंगरेप
टीम डिजिटल
Updated Tue, 03 Sep 2013 03:25 PM IST
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एक महिला पत्रकार को आतंकियों ने 15 महीनों तक बंधक बनाए रखा और उससे गैंगरेप करते रहे। उसे छोड़ने के लिए उसके घरवालों से 20 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी।
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इस दौरान आतंकियों ने महिला पत्रकार और उसके एक साथी को कई बार पीटा, भूखे रखा और उस पर एक बच्चे को जन्म देने के लिए दबाव बनाया।
डेली मेल के अनुसार, महिला पत्रकार अमांडा लिंडहाउट ने बताया कि सोमालिया की राजधानी मोगादिशु में 23 अगस्त 2008 को उनको और ऑस्ट्रेलियाई फोटोग्राफर निगेल ब्रेनान को आतंकियों ने अगवा कर लिया। उस दिन वे दोनों राजधानी से दूर एक शरणार्थी शिविर के दौरे पर जा रहे थे।
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आतंकियों ने दोनों को छोड़ने के लिए 20 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। उन्होंने दोनों को एक जगह बंद कर दिया। वहां उनसे मारपीट की जाती और भूखा रखा जाता। आतंकी अमांडा से लगातार गैंगरेप करते। अमांडा कनाडा की रहने वाली हैं।
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इस दौरान उन्हें लगा कि अगर वे इस्लाम कुबूल कर लें तो शायद उनकी जान बच जाए। लेकिन तभी उनको अलग-अलग कमरे में बंद कर दिया गया और प्रताड़ना का दौर जारी रहा।
अमांडा ने बताया कि इस दौरान उनको कुछ कुछ दिनों के अंतराल पर कई घरों में रखा गया। कई बार उनकी पहचान भी बदली गई। लगभग 100 रातों के बाद आतंकि उन्हें एक सूनसान जगह पर ले गए। घूटनों के बल बैठाकर उनके गले पर चाकू रख दिया और मां को फोन कर फिरौती की रकम मांगने को कहा।
उन्होंने बताया कि एक दिन वह और निगेल बाथरूम की खिड़की से कूदकर भाग निकले। एक मस्जिद में शरण ली। अंतत: नवंबर, 2009 में वे वहां से मुक्त होने में सफल रहे।
इससे पूर्व अमांडा को इराक में भी अगवा कर लिया गया था, वह वहां कवरेज के लिए गई थीं। अमांडा ने इस पूरे घटनाक्रम पर एक किताब 'ए हाऊस इन द स्काइ' लिखी है।