फेसबुक पर चला रहे वेबसाइट हैकिंग की पाठशाला
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इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आइआरसीटीसी) से जुड़ी कंपनी यात्रा पार्टनर की वेबसाइट 15 घंटे हैकर्स के कब्जे में रही। सोमवार को इसे हैकर्स ने मुक्त करा दिया गया।
पुलिस ने कंपनी के अधिकारियों से आईपी लॉक मांगा है, लेकिन बेंगलूरू की प्रोवेब टेक्नोसॉफ्ट प्राइवेट लिमिटेड नाम की जिस कंपनी ने उनकी वेबसाइट बनाई है, उसका सर्वर यूएसए में है।
कंपनी ने सिक्योरिटी सिस्टम को अपडेट कर दिया है। कंपनी की सीईओ कविता सक्सेना ने बताया कि आज से काम शुरू होने की उम्मीद है।
बीएसएनएल, रेलवे की वेबसाइट भी कर चुके हैं हैक
फ्लाइट बुकिंग, मोबाइल, डिश रिचार्ज, रेलवे टिकटों की बुकिंग का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। कंपनी की सीईओ कविता सक्सेना ने बताया कि एसपी क्राइम ने उनसे आईपी लॉक मांगा है।
रात में किसी समय आईपी लॉक मिलने के बाद सुबह साइबर सेल को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वेबसाइट हैक होने से कंपनी का काम बाधित होने के अलावा फिलहाल और कोई नुक सान नहीं हुआ है। हम अपने सिक्योरिटी सिस्टम को मजबूत कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि बंगलादेश के ढाका शहर के छह युवाओं ने मिलकर यात्रा पार्टनर की पीएचपी (कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज) पर बनी वेबसाइट को महज आधे घंटे में हैक कर लिया।
बनाया था एसबीआइ की क्लोन वेबसाइट
वेबसाइट हैकिंग की जांच में सामने आए आइपी एड्रेस की मदद से इनको सोशल साइट फेसबुक खोजा गया तो चेहरे बेनकाब हो गए। हैकिंग का मास्टर माइंड शाकिर नाम के 25 वर्षीय युवक को बताया जा रहा है।
बंगलादेश के ढाका निवासी शाकिर ने 2011 में भारतीय स्टेट बैंक की क्लोन वेबसाइट बनाकर चर्चा में आया था। हजारों लोगों को इसके जरिये लाखों रुपये की चपत लगाई गई थी।
मामला सामने आने के बाद एसबीआइ ने अपने ग्राहकों को इससे बचने को लेकर जागरूक किया और दिल्ली की साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई थी। दिल्ली पुलिस ने मामले की छानबीन के बाद उक्त वेबसाइट को डिलीट कराया था।
लाखों का चूना लगा सकते थे हैकर
वहीं, कंपनी के मालिक अभिषेक महेश्वरी ने बताया कि उनकी वेबसाइट का कंट्रोल पैनल सुबह तक बांग्लादेशी हैकरों के पास रहा। वह चाहते तो भारत में अपने लोगों का इस्तेमाल करके रेलवे की टिकट कैंसिल कराकर कंपनी को लाखों रुपये का चूना लगा सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं किया।
हैकिंग के समय तक उनके खाते में 10 लाख 72 हजार रुपये का बिजनेस हो चुका था। हैकर्स ने फेसबुक पर लिखा है कि उन्होंने सीखने के लिए वेबसाइट हैक की है।