फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Crime Archives ›   sisters murder case in urai.

उरई: बोरे में मिले शव किसके, पुलिस ने खोला राज

Fri, 10 Oct 2014 11:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 10 Oct 2014 11:54 AM IST
विज्ञापन
sisters murder case in urai.

यूपी में जालौन में नोन नदी में चार दिन पहले बोरे में मिले शव सगी बहनों के निकले। प्रेमियों के साथ रहने की जिद करने पर नाराज पिता ने दामाद के साथ मिलकर दोनों बेटियों की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों के शव बोरे में बंद करके नोन नदी में फेंक दिए थे।

विज्ञापन


शव को दामाद की स्कार्पियों से नदी तक लाया गया था। जालौन पुलिस ने गुरुवार को ऑनर किलिंग के इस मामले का खुलासा कर आरोपी पिता और स्कार्पियो चालक को गिरफ्तार कर लिया है। दामाद अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
विज्ञापन


आईजी आशुतोष पांडेय ने रात में पत्रकारों से बातचीत में मामले का खुलासा किया। आईजी ने बताया कि जालौन केचुर्खी क्षेत्र के अटरा कला गांव में नोन नदी में बोरे में बंद दो लड़कियों के शव 4 अक्तूबर को मिले थे। उरई में नया नगर निवासी रामप्रकाश शुक्ला ने शवों की पहचान अपनी बेटी नीतू और वैशाली के रूप में की थी। इसके बाद दो लड़कियों की हत्या को लेकर उरई में जमकर बवाल हुआ था।

विज्ञापन
विज्ञापन

उरई के दमा गांव से प्रेमियों संग भागी थीं बहनें

sisters murder case in urai.

इस मामले में एसपी और तीन थानेदारों समेत छह लोग सस्पेंड हुए थे। बुधवार को नीतू और वैशाली जिंदा बरामद हो गई थीं। इसके बाद पुलिस छानबीन में जुटी थी कि आखिर नदी में मिले शव किन लड़कियों थे। आईजी ने बताया कि उरई पुलिस को गुरुवार को एक खबरी ने सूचना दी कि जालौन के उरई के दमा गांव निवासी जितेंद्र सिंह गुर्जर उर्फ नन्हें राजा की दो बेटियां प्रेमियों के साथ भागी थीं।

पुलिस ने उन्हें बरामद कर परिजनों को सौंपा था। वह काफी दिनों से गांव में नहीं दिखाई दे रही हैं। इसी आधार पर पुलिस टीम जितेंद्र के घर पहुंची। उन्हें पूछताछ के लिए थाने लाया गया। थाने में सख्ती से पूछताछ की गई तो वह टूट गया। बकौल आईजी जितेंद्र ने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी आकांक्षा और अर्षिका 30 अगस्त को दो दलित लड़कों के साथ भाग गईं थी।

पहले दोनों जाम नगर गुजरात और फिर महाराष्ट्र के भुसावल पहुंच गई थी। 8 सितंबर को भुसावल जीआरपी ने दोनों लड़कियों को रेलवे स्टेशन से बरामद किया था। 9 अगस्त को उरई पुलिस के साथ परिवार वाले भुसावल गए थे। वहां पुलिस ने दो बेटियों ने उनकी सुपुर्दगी में दिया था। उन्होंने इज्जत की खातिर बेटियों के भागने की रिपोर्ट भी थाने में दर्ज नहीं कराई थी।

'प्रेमियों के साथ रहने की जिद पर अड़ी थीं बेटियां'

sisters murder case in urai.

पूछताछ में जितेंद्र ने बताया कि लड़कियां दलित जाति के युवकों के साथ भागी थी। समाज में बदनामी के डर से वह उन लड़कों के साथ बेटियों की शादी भी नहीं कर सकते थे। उन्होंने बेटियों को यह बात समझाने का प्रयास किया पर दोनों प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी रहीं। इस वजह से लड़कियों में घर में रखने की बजाय औरैया के अयाना के गंगदासपुर गांव स्थित ननिहाल में भेज दिया था। जितेंद्र ने बताया कि वह एक अक्तूबर को वहां गए।

बेटियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे एक ही रट लगाए रहीं कि प्रेमी के साथ रहेंगी। इस पर वह आपा खो बैठे। उन्होंने जौलान में ही रहने वाले दामाद सोनू को बुलाया। फिर उसके साथ मिलकर दोनों बेटियों की हत्या कर दी। शवों को बोरे में बंद किया। सोनू की स्कार्पियों मंगाई। शव को उसमें रखा।

अटरा कला गांव ले जाकर नोन नदी में फेंक दिया था। आईजी ने बताया कि पेशे से किसान जितेंद्र और स्कार्पियो के चालक सूर्य प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। वारदात में प्रयुक्त स्कार्पियो भी बरामद कर ली गई है। दामाद सोनू की तलाश की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed