ननद की हत्या के आरोप में भाभी को उम्रकैद
मध्यप्रदेश के सिहोर में ननद की गला घोंटकर हत्या करने के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक महिला को उम्रकैद और पांच हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनायी है।
लोक अभियोजक ओमप्रकाश मिश्र ने आज बतया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेन्द्र कौर ने कल शाम दिए अपने फैसले में आरोपी पवित्रा बाई को अपनी ननद 17 वर्षीय रीना की नौ अप्रैल, 2014 को गला घोंटकर हत्या करने का दोषी पाते हुए यह सजा सुनायी।
उन्होंने बताया कि घटना के समय रीना घर में अकेली थी और इस स्थिति का फायदा उठाते हुए अभियुक्त पवित्रा ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी थी।
ननद भाभी में अच्छे नहीं थे संबंध
रीना के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी गला दबाकर हत्या सिद्घ होने के बाद पुलिस ने पवित्रा बाई और रामभरोसे के खिलाफ भादंवि की धारा 302 का प्रकरण कायम कर विवेचना के बाद चालान अदालत में पेश किया था।
लोक अभियोजक ने बताया कि मामले की सुनवायी के दौरान अदालत ने सबूतों के अभाव में रामभरोसे को बरी कर दिया, लेकिन गवाह और सबूतों के आधार पर पवित्रा बाई को रीना की हत्या का दोषी पाते हुए उम्र कैद तथा पांच हजार रूपये के जुर्माने की सजा सुनायी। अदालत ने यह सजा मंगलवार को सुनाई थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ननद भाभी के आपसी संबंध अच्छे नहीं थे। आए दिन दोनों में वाद विवाद होता रहता था।