चंद सिक्कों के लिए देश की सुरक्षा से खिलवाड़, सैकड़ों फर्जी सिम बरामद
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यूपी के संभल के चंदौसी में चंद सिक्कों के लिए देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। पुलिस ने फर्जी आईडी पर एक्टिवेटेड प्री-पेड 102 सिम बरामद किए हैं। साथ ही एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गौरतलब हो कि चंदौसी में ही 24 जनवरी को फर्जी आईडी पर जारी 1424 सिम बरामद किए गए थे, जिसमें 200 प्री-एक्टिवेटेड थे।
शहर में मोबाइल सिम विक्रेताओं पर पुलिस का कोई खौफ नहीं है। धड़ल्ले से यहां फर्जी आईडी पर प्री-एक्टिवेटेड सिम सिर्फ सौ-सौ रुपये में उपलब्ध हैं।
100 रुपये का नोट देते ही विक्रेता बिना किसी आईडी के ही किसी को भी प्री-एक्टिवेटेड सिम दे देता है, जिसे तत्काल मोबाइल फोनसेट में डालकर बातचीत शुरू की जा सकती है।
इंटरनेट का भी उपयोग तत्काल ही किया जा सकता है जिसका उपयोग राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और बड़ी आपराधिक वारदातों के लिए भी किए जाने की आशंका बनी रहती है।
कैसे थमेगा फर्जी सिम का गोरखधंधा?
सोमवार की रात आठ बजे पुलिस उपनिरीक्षक राजेश कुमार पुलिस बल के साथ रात्रि गश्त पर निकले थे। एक बाइक सवार युवक तेजी से जाता दिखा तो आशंकावश पुलिस ने पथरा तिराहे पर बदायूं चुंगी की ओर से आने वाली बाइक को चेक करना शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में पल्सर बाइक सवार वहां आ पहुंचा।
पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की। तलाशी पर युवक के पास थैले से एक ही मोबाइल कंपनी के 102 एक्टिवेटेड सिम और विभिन्न नामों की 25 मोहर मिली। कोतवाली लाकर पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम हर्षित बताया। पुलिस ने कार्रवाई कर युवक का चालान किया है।
संभल के पुलिस अधीक्षक अतुल सक्सेना के मुताबिक फर्जी आईडी पर जारी सिम का प्रयोग आपराधिक गतिविधियों और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में होने की आशंका रहती है, इसलिए यह बड़ा अपराध है, जिले भर के पुलिस अधिकारियों को फर्जी आईडी पर प्री-एक्टिवेटेड सिम की बिक्री रोकने के लिए चेकिंग अभियान शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की सक्रियता से ही चंदौसी में दो बार ये गोरखधंधा उजागर हुआ है।