फिल्म डायरेक्टर महेश भट्ट की हत्या की साजिश नाकाम
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मुंबई पुलिस ने अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी गैंग के 13 सदस्यों को मुंबई के खार से गिरफ्तार कर फिल्म निर्माताओं की हत्या की साजिश का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने दावा किया है कि ये लोग डॉन रवि पुजारी के इशारे पर बॉलीवुड निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट की हत्या करने की फिराक में थे। पुलिस के मुताबिक इनमें बॉलीवुड फिल्म निर्माता करीम और अली मोरानी के ऑफिस के बाहर अगस्त में हुई फायरिंग करने वाले आरोपी भी शामिल हैं।
पुलिस के संयुक्त आयुक्त सदानंद दाते ने बताया कि शनिवार को रवि पुजारी गैंग के सात बदमाश दो फिल्म निर्माताओं की हत्या करने के लिए खार में एकत्रित हुए थे। उसी समय पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से तीन फायरआर्म, 15 जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई है।
दाते ने बताया कि रवि पुजारी ने बदमाशों को दोनों फिल्म निर्माताओं को या दोनों में से एक की हत्या करने का निर्देश दिया था। इनसे पूछताछ के बाद पुलिस ने रविवार और सोमवार को छह और बदमाशों को गिरफ्तार किया है। सदानंद दाते ने बताया कि शनिवार को गिरफ्तार किए गए बदमाशों में वो तीन भी शामिल हैं, जिन्होंने शनिवार को निर्माता करीम मोरानी के सामने हवाई फायरिंग की थी।
बाल-बाल बचे थे महेश भट्ट
फिल्म निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट और उनका परिवार मुंबई के खार एरिया में रहता है। सूत्रों के अनुसार, रवि पुजारी ने अपने शूटरों के जरिए महेश भट्ट और उनके भाई मुकेश भट्ट और बेटे राहुल की हत्या की साजिश रची थी। उसने शूटरों को निर्देश दिया था कि भट्ट भाइयों में से जो भी दिखे उसे गोली मार दो।
डॉन ने शूटरों से यह भी कहा कि फिल्म निर्माता करीम और अली मोरानी के ऑफिस के बाहर हुई गोलीबारी का ज्यादा असर नहीं पड़ा इसलिए इस बार सीधे हत्या कर दो।
बता दें कि डॉन रवि पुजारी ने करीब छह साल पहले भी महेश भट्ट के ऑफिस के बाहर फायरिंग करवाई थी उस वक्त भी महेश भट्ट बाल-बाल बच पाए थे।
सूत्रों के मुताबिक, भट्ट और उनके परिवार पर नजर रखने के लिए डॉन ने एक आरोपी को उनकी बिल्डिंग में वॉचमैन की नौकरी करने को भी कहा था। हालांकि मोरानी ब्रदर्स पर हमले की घटना के बाद क्राइम ब्रांच की करीब 18 टीमें हमलावरों को ढूंढ़ रही थीं और आखिरकार उन्हें बड़ी सफलता मिली।
तो ये है डॉन का एजेंडा?
पुलिस के अनुसार, रवि पुजारी ने महेश भट्ट और मोरानी ब्रदर्स की सुपारी के तौर पर शूटरों को 11 लाख रुपए दिए थे। इनमें से मोरानी के ऑफिस के बाहर फायरिंग करने वालों को पांच लाख रुपए दिए गए थे। इस घटना को आजम खान, अशफाक रशीद और आसिफ खान ने अंजाम दिया था।
डीसीपी धनंजय कुलकर्णी के अनुसार सभी आरोपियों को 24 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। माना जा रहा है कि सभी 13 आरोपियों पर मकोका लगाया जाएगा। मकोका में एसीपी रैंक से नीचे का अधिकारी जांच ही नहीं कर सकता।
पुलिस ने बताया कि डॉन रवि पुजारी के इस कारनामे के पीछे दो एजेंडे थे। पहला- वह खुद को एक हिंदू डॉन के तौर पर स्थापित करना चाहता है और दूसरा- वह फिल्म इंडस्ट्री के लोगों से रंगदारी वसूलने वाला इकलौता चेहरा बनना चाहता है।
हालांकि पुलिस ने एक बार फिर उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया और 13 लोगों की गिरफ्तारी के बाद उसे बड़ा झटका लगा है।