पीटर के बेटे राहुल को थी फंसाने की साजिश
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देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री बन चुकी शीना बोरा हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शीना की हत्या से ठीक पहले दिल्ली के व्यापारी और फिल्म निर्माता करण कक्कड़ की हत्या हुई थी। उसी की तर्ज पर शीना का कत्ल किया गया।
हालांकि, इससे पहले प्लान-ए, और बी अभी तैयार किया गया था, लेकिन ए प्लान को संजीव ने तो बी प्लान को इंद्राणी ने खारिज कर दिया। दरअसल, जब पीटर मुखर्जी के पुत्र राहुल से शीना का प्यार परवान चढ़ा तब से ही इंद्राणी खार खाए बैठी थी।
उसे डर था कि जब शीना की राहुल से शादी हो जाएगी तब वह पीटर की जायदाद में हिस्सेदार बन जाएगी। इसलिए पहले इंद्राणी ने राहुल के फ्लैट पर ही शीना का काम तमाम करने की योजना बनाई थी।
इस प्लान को किया खारिज
योजना के मुताबिक शीना का कत्ल कर चार टुकड़े किए जाते। शव के कुछ टुकड़े राहुल के फ्लैट में छोड़कर दो टुकड़े समुद्र में फेंक दिए जाते। इस तरह एक तीर से दो निशाना साधने की कोशिश की गई थी। एक तरफ शीना का काम तमाम हो जाता और दूसरी तरफ हत्या का आरोप राहुल पर मढ़ दिया जाता।
बताते हैं कि संजीव खन्ना ने इस प्लान को खारिज कर दिया था। उसके बाद प्लान-बी में पीटर मुखर्जी के वरली स्थित घर पर शीना को बुलाकर मारने की योजना बनी, लेकिन इंद्राणी ने इसमें फंसने की आशंका जताई, जिससे इस योजना पर भी अमल नहीं किया गया।
इसके बाद कक्कड़ की हत्या की तर्ज पर 24 अप्रैल 2012 को शीना को मार दिया गया। कक्कड़ की हत्या उनके ही फ्लैट में की गई थी। शव के टुकड़े-टुकड़े कर सूटकेश में भरकर उसे सातारा हाईवे के पास कुभार्ली घाट के पास फेंक दिया गया था।
इस तर्ज पर हुई हत्या
कुछ इसी तर्ज पर इंद्राणी और संजीव ने शीना की हत्या का प्लान बनाया था। कक्कड़ के शव को जलाया नहीं गया था लेकिन शीना के शव को सूटकेश में रखकर रायगढ़ के गगोर्दे खुर्द गांव के जंगल में पेट्रोल डालकर जला दिया गया था।
बताया जाता है कि इसके पीछे इंद्राणी का ही शातिर दिमाग था। थ्योरी यह थी कि इससे शीना की शिनाख्त नहीं हो सकेगी। जब शीना की मौत की कोई शिकायत ही नहीं होगी तो पुलिस जांच भी नहीं करेगी।