बेटे ने क्यों किया बाप और बहन का कत्ल?
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पुलिस ने यूपी के शामली में हुए चर्चित बाप-बेटी हत्याकांड का बुधवार को खुलासा कर दिया। बकौल पुलिस बेटे ने ही अपने बाप और बहन की हत्या की थी। उसने यह कदम नौकरी नहीं मिलने पर डिप्रेशन में उठाया था।
पुलिस ने हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर यह खुलासा किया है। मोहल्ला रेलपार में सोमवार की सुबह बाप-बेटी का डबल मर्डर होने से सनसनी फैल गई थी। परचून व्यापारी बिजेंद्र उर्फ बिन्नू के घर में बिजेंद्र और उसकी बेटी वैशाली का शव बरामद हुआ था, जबकि बिजेंद्र की पत्नी सुमन घायल थी।
परिजनों ने घायल सुमन को गंभीर हालत में दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया था। वारदात प्रथम दृष्टया लूटपाट की प्रतीत हो रही थी, लेकिन पुलिस द्वारा फोन करने के बावजूद भी मृतक बिजेंद्र के बेटे विक्रांत के घर नहीं पहुंचने पर पुलिस के शक की सुई उसकी ओर घूमनी शुरू हो गई थी।
नौकरी नहीं मिली, तो डिप्रेशन में की वारदात
बुधवार को एसपी अनिल राय ने पुलिस ऑफिस पर वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने वारदात के आरोपी विक्रांत को सुबह के समय शहर के रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है।
उन्होंने बताया कि विक्रांत ने लुधियाना के गुप्ता कॉलेज से वर्ष 2011 में बीटेक किया था। बीटेक करने के बाद वह नौकरी की तलाश में गुजरात चला गया।
गुजरात में नौकरी नहीं मिलने पर वह बिहारीगढ़ में एक कंप्यूटर सेंटर पर जॉब करने लगा, लेकिन वहां पर सेलरी नहीं मिलने के चलते वह अपने पिता से 35 और मौसी से 65 हजार रुपये लेकर कारोबार करने के लिए फिर से गुजरात चला गया।
पुलिस ने हत्यारोपी से उगलवाया सच
पुलिस के अनुसार गुजरात में एक व्यक्ति ने थाईलैंड में जॉब दिलवाने के नाम पर उससे एक लाख रुपये की ठगी की, लेकिन उसे नौकरी नहीं मिली। इसके बाद वह घर से 15 और फाइनेंस कंपनी से एक लाख रुपये लेकर जालंधर चला गया।
वहां पर भी एक एजेंट ने मलेशिया में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे रुपये ठग लिए। सीओ क्राइम प्रकाश कुमार ने बताया कि रुपये खर्च करने के बाद भी नौकरी नहीं मिलने के चलते विक्रांत के घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ चुकी थी।
विक्रांत परिजनों को चंडीगढ़ में जॉब करने की बात कहकर फिलहाल रुड़की में अपने दोस्त के साथ रह रहा था। उन्होंने बताया कि नौकरी नहीं मिलने से डिप्रेशन में विक्रांत ने खुद को परिवार सहित एक साथ खत्म करने की ठान ली।
दूध में सल्फास मिलाकर पिला दिया था
इसके चलते उसने वारदात से एक दिन पूर्व सहारनपुर से लिक्विड सल्फास (फास फ्री) खरीदी और परिजनों को फोन पर शामली आने की बात कहकर फोन स्विच ऑफ कर लिया।
बकौल पुलिस 20 जुलाई की रात साढ़े नौ बजे विक्रांत अपने घर पहुंचा। उसने रात करीब साढ़े 11 बजे घर के सभी लोगों को दूध में सल्फास मिलाकर पिला दिया।
इसके बाद से ही सभी लोगों की हालत बिगड़नी शुरू हो गई, लेकिन उल्टियां लगने के बाद घर के सभी लोग सो गए। घर के सभी लोगों के सोने के बाद विक्रांत ने अपनी बहन वैशाली की गला दबाकर हत्या कर दी।
अपने पिता की कमर पर चाकू मारा
इसके बाद उसने अपने पिता बिजेंद्र की कमर पर चाकु से दो-तीन वार किए। चाकू लगने के बाद पिता और मां की आंख खुली, तो उसे अपनी गलती का अहसास हुआ।
बेटी की हत्या के बाद बेटे विक्रांत को बचाने के प्रयास में बिजेंद्र और उसकी पत्नी ने विक्रांत को घर से निकालते हुए गोहरनी निवासी डाक्टर पंकज को मौके पर बुलवाया, लेकिन इसी बीच बिजेंद्र ने भी दम तोड़ दिया था।
एसपी ने बताया कि पुलिस ने विक्रांत के कब्जे से आला कत्ल चाकू बरामद करते हुए वारदात का सारा सच उगलवा लिया है। उन्होंने बताया कि घायल महिला सुमन फिलहाल हास्पिटल से डिस्चार्ज होकर मेरठ अपने मायके में रह रही है।