'हैवानों को फांसी दो या हाथ पैर काट दो'
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मुंबई के शक्ति मिल में महिला फोटो पत्रकार के साथ हुए गैंग रेप केस में सजा का एलान आज होगा। कोर्ट में सोमवार को इस मामले में सुनवाई हुई, जिसके बाद जज ने सजा के एलान की तारीख मंगलवार तक के लिए टाल दी।
गुरुवार को सेशंस कोर्ट ने आरोपियों को दोषी ठहराया था। पीड़िता ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग की है। पीड़िता चाहती है कि दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। सबकी नजरें कोर्ट पर है कि वो क्या सजा सुनाता है?
सजा सुनाए जाने से पहले पीड़िता ने एक समाचार चैनल से बात करते हुए कहा कि 'या तो उन्हें फांसी मिले, या उनके हाथ पैर काट देने चाहिए ताकि उनको बहुत तकलीफ हो। जीना मुश्किल हो जाए उनका। जितना मैं तड़पी हूं, उससे ज्यादा वो तड़पे।
ऐसे लड़कों को सबक तो मिलना चाहिए
पीड़ित महिला फोटो पत्रकार ने कहा कि इससे उनको समझ आएगा कि उन्होंने कितनी लड़कियों की जिंदगी खराब की है। जो लड़के ऐसा करते हैं, उनको सबक मिलना चाहिए कि अगर उन्होंने ऐसा किया तो उसकी सजा क्या होगी? वो ऐसा कुछ भी करने के पहले दस बार सोचेंगे।
यह मामला पिछले साल है, जब 22 अगस्त 2013 को अपने एक साथी के साथ एक महिला फोटो जर्नलिस्ट शक्ति मिल परिसर में कवरेज करने गई थी।
दरअसल, महालक्ष्मी इलाके में सालों से बंद पड़ी यह मिल वीरान रहती है। उस दिन शाम के 6 बज रहे थे। महिला पत्रकार और उसका साथी जब वहां पहुंचे तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने खुद को पुलिस बताते हुए उन्हें फोटो लेने से रोका।
महिला पत्रकार के साथ पांच लोगों ने किया गैंगरेप
उन लोगों ने कहा कि पहले आप लोग हमारे अधिकारी से इजाजत लें तब फोटो लेना। फिर वे महिला पत्रकार और उसके साथी को अंदर ले गए। अंदर ले जाकर दोनों पर हमला कर महिला पत्रकार के साथी को वहीं बांध दिया।
उसके बाद उस महिला पत्रकार के साथ पांच लोगों ने गैंगरेप किया। दो घंटे बाद किसी तरह वे दोनों अपनी जान बचाकर वहां से अस्पताल भागे। अस्पताल में डॉक्टरों ने जैसे ही लड़की की हालत देखी सारा मामला समझ गए।
डॉक्टरों ने पुलिस को सूचना दी। महिला पत्रकार के साथ गैंगरेप होने की खबर से मानो पुलिस भी सन्न रह गई। आनन-फानन में कई टीमें बना कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई। 72 घंटे के भीतर ही पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को दबोच लिया।
शक्ति मिल में एक और दरिंदगी आई सामने
पूछताछ के दौरान एक और गैंगरेप का मामला सामने आया। इनमें से तीन आरोपियों ने शक्ति मिल में ही गैंगरेप की एक और वारदात को अंजाम दिया था।
दरअसल, इन आरोपियों की गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद ही एक कालसेंटर में काम करने वाली टेलीफोन ऑपरेटर सामने आई और उसने भी इनमें से 3 युवकों पर उसके साथ गैंगरेप करने का आरोप लगाया।
उस युवती ने पुलिस को बताया कि इनमें से तीन युवकों ने उसके साथ भी 31 जुलाई 2013 को शक्ति मिल परिसर में ही सामूहिक बलात्कार किया। उस दौरान उससे मार-पीट भी की गई थी।
इन दोनों गैंगरेप मामले में पुलिस ने गिरफ्तार पांचों आरोपियों पर अक्टूबर में उनके खिलाफ 362 पन्नों की चार्जशीट फाइल की थी।
पोर्न फिल्में देख आरोपी ढूंढ़ते थे शिकार
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को जो बयान दिया था, उससे साफ है कि वे सभी सेक्स को लेकर दीवाने थे और हवस मिटाने के लिए शिकार तलाशा करते थे।
आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि वे लोग मदनपुरा, बाइकुला और अग्रीपाड़ा में नियमित रूप से पोर्न फिल्में देखा करते थे। इसके अलावा रेड लाइट एरिया में उनका आना-जाना लगा रहता था।
आरोपी विजय जाधव, कासिम बंगाली और नाबालिग ने पूछताछ के दौरान बताया था कि वे अकसर पॉर्न देखने जाया करते थे। पिछले हफ्ते जाधव वास्तव में ऐसे ही एक पार्लर के भीतर सोते हुए पाया गया था।