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'हैवानों को फांसी दो या हाथ पैर काट दो'

Tue, 25 Mar 2014 01:29 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, मुंबई
टीम डिजिटल/अमर उजाला, मुंबई Updated Tue, 25 Mar 2014 01:29 PM IST
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Shakti Mills rapes: Sentencing in the photojournalist gang-rape case

मुंबई के शक्ति मिल में महिला फोटो पत्रकार के साथ हुए गैंग रेप केस में सजा का एलान आज होगा। कोर्ट में सोमवार को इस मामले में सुनवाई हुई, जिसके बाद जज ने सजा के एलान की तारीख मंगलवार तक के लिए टाल दी।

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गुरुवार को सेशंस कोर्ट ने आरोपियों को दोषी ठहराया था। पीड़िता ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग की है। पीड़िता चाहती है कि दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। सबकी नजरें कोर्ट पर है कि वो क्या सजा सुनाता है?
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सजा सुनाए जाने से पहले पीड़िता ने एक समाचार चैनल से बात करते हुए कहा कि 'या तो उन्हें फांसी मिले, या उनके हाथ पैर काट देने चाहिए ताकि उनको बहुत तकलीफ हो। जीना मुश्किल हो जाए उनका। जितना मैं तड़पी हूं, उससे ज्यादा वो तड़पे।

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ऐसे लड़कों को सबक तो मिलना चाहिए

Shakti Mills rapes: Sentencing in the photojournalist gang-rape case

पीड़ित महिला फोटो पत्रकार ने कहा कि इससे उनको समझ आएगा कि उन्होंने कितनी लड़कियों की जिंदगी खराब की है। जो लड़के ऐसा करते हैं, उनको सबक मिलना चाहिए कि अगर उन्होंने ऐसा किया तो उसकी सजा क्या होगी? वो ऐसा कुछ भी करने के पहले दस बार सोचेंगे।

यह मामला पिछले साल है, जब 22 अगस्त 2013 को अपने एक साथी के साथ एक महिला फोटो जर्नलिस्ट शक्ति मिल परिसर में कवरेज करने गई थी।

दरअसल, महालक्ष्मी इलाके में सालों से बंद पड़ी यह मिल वीरान रहती है। उस दिन शाम के 6 बज रहे थे। महिला पत्रकार और उसका साथी जब वहां पहुंचे तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने खुद को पुलिस बताते हुए उन्हें फोटो लेने से रोका।

महिला पत्रकार के साथ पांच लोगों ने किया गैंगरेप

Shakti Mills rapes: Sentencing in the photojournalist gang-rape case

उन लोगों ने कहा कि पहले आप लोग हमारे अधिकारी से इजाजत लें तब फोटो लेना। फिर वे महिला पत्रकार और उसके साथी को अंदर ले गए। अंदर ले जाकर दोनों पर हमला कर महिला पत्रकार के साथी को वहीं बांध दिया।

उसके बाद उस महिला पत्रकार के साथ पांच लोगों ने गैंगरेप किया। दो घंटे बाद किसी तरह वे दोनों अपनी जान बचाकर वहां से अस्पताल भागे। अस्पताल में डॉक्टरों ने जैसे ही लड़की की हालत देखी सारा मामला समझ गए।

डॉक्टरों ने पुलिस को सूचना दी। महिला पत्रकार के साथ गैंगरेप होने की खबर से मानो पुलिस भी सन्न रह गई। आनन-फानन में कई टीमें बना कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई। 72 घंटे के भीतर ही पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को दबोच लिया।

शक्ति मिल में एक और दरिंदगी आई सामने

Shakti Mills rapes: Sentencing in the photojournalist gang-rape case

पूछताछ के दौरान एक और गैंगरेप का मामला सामने आया। इनमें से तीन आरोपियों ने शक्ति मिल में ही गैंगरेप की एक और वारदात को अंजाम दिया था।

दरअसल, इन आरोपियों की गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद ही एक कालसेंटर में काम करने वाली टेलीफोन ऑपरेटर सामने आई और उसने भी इनमें से 3 युवकों पर उसके साथ गैंगरेप करने का आरोप लगाया।

उस युवती ने पुलिस को बताया कि इनमें से तीन युवकों ने उसके साथ भी 31 जुलाई 2013 को शक्ति मिल परिसर में ही सामूहिक बलात्कार किया। उस दौरान उससे मार-पीट भी की गई थी।

इन दोनों गैंगरेप मामले में पुलिस ने गिरफ्तार पांचों आरोपियों पर अक्टूबर में उनके खिलाफ 362 पन्नों की चार्जशीट फाइल की थी।

पोर्न फिल्में देख आरोपी ढूंढ़ते थे शिकार

Shakti Mills rapes: Sentencing in the photojournalist gang-rape case

गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को जो बयान दिया था, उससे साफ है कि वे सभी सेक्स को लेकर दीवाने थे और हवस मिटाने के लिए‌ शिकार तलाशा करते थे।

आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि वे लोग मदनपुरा, बाइकुला और अग्रीपाड़ा में नियमित रूप से पोर्न फिल्में देखा करते थे। इसके अलावा रेड लाइट एरिया में उनका आना-जाना लगा रहता था।

आरोपी विजय जाधव, कासिम बंगाली और नाबालिग ने पूछताछ के दौरान बताया था कि वे अकसर पॉर्न देखने जाया करते थे। पिछले हफ्ते जाधव वास्तव में ऐसे ही एक पार्लर के भीतर सोते हुए पाया गया था।

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