फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Crime Archives ›   sexual harassment fear in uttar pradesh

यूपी: एक तिहाई आबादी को है यौन उत्पीड़न का डर

Tue, 09 Dec 2014 12:54 PM IST
Updated Tue, 09 Dec 2014 12:54 PM IST
विज्ञापन
sexual harassment fear in uttar pradesh

उत्तर प्रदेश की छवि वैसे भी महिलाओं को डराती रही है, लेकिन ऐसा लगता है कि पिछले कुछ समय की घटनाओं ने इस असुरक्षा की भावना को बहुत बढ़ा दिया है।

विज्ञापन


अमर उजाला के लिए देश की प्रतिष्ठित सर्वे एजेंसी हंसा रिसर्च ने जो सर्वे किया, उसमें हिस्सा लेने वाले 30 फीसदी लोगों ने कहा कि महिलाओं को यौन उत्पीड़न का भय रहता है। इसे यदि पुलिस पर भरोसा न होने से जोड़कर देखा जाए, तो यह आंकड़ा चकित भी नहीं करता।
विज्ञापन


अगर शहरों की अलग-अलग बात करें, तो कानपुर को लोग सबसे खराब शहर मानते हैं, जहां 39 फीसदी लोगों ने यौन-उत्पीड़न के डर की बात कही। जबकि दूसरे नंबर पर इलाहाबाद रहा, जहां 36 फीसदी लोगों ने ऐसी आशंका जताई।

विज्ञापन
विज्ञापन

ये है सूबे की राजधानी का हाल

sexual harassment fear in uttar pradesh

राजधानी लखनऊ में ऐसी आशंका जताने वाले 28 प्रतिशत लोग थे। इसके अलावा, गोरखपुर और झांसी दो और ऐसे शहर हैं, जहां एक चौथाई से अधिक लोगों ने कहा कि उन्हें महिलाओं के यौन उत्पीड़न की आशंका होती है।

यौन उत्पीड़न का डर सबसे कम सताता है आगरा के लोगों को, जहां सिर्फ 17 फीसदी लोगों ने इसकी आशंका जताई। इसके बाद नंबर है मुरादाबाद का, जहां प्रदेश के औसत से काफी कम यानी सिर्फ 22 प्रतिशत लोगों को लगता है कि महिलाओं को यौन प्रताड़ना की आशंका है। मेरठ में यह प्रतिशत 23 रहा।

महिला सुरक्षा पर हुए इस सर्वे में ऐसे लोगों की संख्या बहुत बड़ी है, जो इस विषय पर कोई राय नहीं रखते। यानी वो चुप हैं। चाहे दिन में घर से बाहर निकलने वाली महिलाओं की सुरक्षा की बात हो या फिर महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस पर भरोसे का सवाल हो।

आ‌खिर क्यों है इतनी खामोशी?

sexual harassment fear in uttar pradesh

पुलिस पर भरोसे के सवाल को ही देखें, तो 11 शहरों में ऐसे चुप रहने वालों का औसत 31 फीसदी से अधिक था। यानी लगभग एक तिहाई लोग इस मसले पर या तो कोई राय नहीं रखते या फिर राय देना नहीं चाहते।

गोरखपुर में सर्वाधिक 43 फीसदी लोग चुप रहे, तो कानपुर में 39 फीसदी, सबसे कम (18 फीसदी) लोग चुप रहे इलाहाबाद में। इसी तरह दिन में बाहर निकलने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर 31 फीसदी से अधिक लोगों ने चुप्पी साध ली। इस मामले में सबसे अधिक चुप रहे बरेली के लोग और सबसे कम चुप्पी रही इलाहाबाद में।

रात में घर से बाहर महिलाओं की सुरक्षा के सवाल पर यह चुप्पी जरूर कुछ कम रही और 11 शहरों में औसतन 16 फीसदी ही लोग ऐसे थे, जिनकी अपनी कोई राय नहीं थी या वे राय देना नहीं चाहते थे। फिर भी अलीगढ़ में इस मामले में 33 फीसदी लोग चुप रहे और ऊपर उल्लेखित दो विषयों की तरह इस विषय पर भी इलाहाबाद में चुप रहने वाले सबसे कम थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed