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लड़की पैदा हुई तो जलन में आंटी ने लड़के को दे दिया जहर

Tue, 05 Jan 2016 04:26 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 05 Jan 2016 04:26 PM IST
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Seven-month-old boy is seriously poisoned after his jealous aunt fed him MERCURY

उसकी किलकारियों से घर भरा हुआ था। नन्हीं आंखें दुनिया देखने को बेताब थीं। उंगलियां पकड़कर वो चलना चाहता था। उसके नन्हें कदम धरती पर पढ़ते कि इससे पहले ही घर की एक आंटी ने उसे वो दंश दिया कि सबकी आंख का तारा जिंदगी और मौत के बीच झूलता नजर आया। इस दर्द को वो ताउम्र भुला न सकेगा।

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चीन के हुनान प्रांत के चांगदे में एक औरत पर आरोप लगा है कि उसने अपने सात महीने के भतीजे को मरकरी की डोज दे दी। मरकरी का सेवन जहर के समान होता है। इसलिए बच्चे की जान जाते-जाते बची।
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आरोप है कि आरोपी ने कुछ दिन पहले बच्ची को जन्म दिया था। खुद के घर में बच्ची के पैदा होने से वो खुश नहीं थी और अपने नन्हे भतीजे से जलने लगी थी।

7 महीने के मासूम को मारने की कोशिश से शर्मसार चीन

Seven-month-old boy is seriously poisoned after his jealous aunt fed him MERCURY

डेलीमेल की खबर के मुताबिक आंटी की नफरत का दंश झेलने वाले मासूम कैंग कैंग का अचानक बीमार पड़ना उसके माता-पिता की समझ के बाहर था। उन्होंने कैंग कैंग के बिस्तर के पास टूटा हुआ थर्मामीटर देखा तो उन्हें शक हुआ कि कहीं बच्चे ने थर्मामीटर में मौजूद रहने वाली मरकरी को तो नहीं निगल लिया है।

थर्मामीटर में हालांकि तीन ग्राम मरकरी की मात्रा इस्तेमाल की जाती है लेकिन उस मासूम को इतनी मात्रा नुकसान पहुंचाने के लिए काफी थी। शरीर में मरकरी पहुंचने पर सबसे पहले सांस लेने में दिक्कत आती है। आंखें लाल हो जाती हैं। सीने में दर्द उठता है और खून भरी पलटियां भी होती हैं।

फिलहाल नन्हा कैंग कैंग अस्पताल में डॉक्टरों की देख-रेख में है। लेकिन जब से चीन में जब साल 1976 में एक बच्चा पैदा करने का सरकारी नियम लागू हुआ था तब से लोगों के बीच लड़कियों की अपेक्षा लड़के ज्यादा पसंद किए जाते रहे हैं। चीनी लोगों का भी मानना है कि लड़के बड़े होकर बुढ़ापे का सहारा बनते है। इस मामले में भी यही रुढ़िवादी सोच झलकती है।

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