महिला को पीट-पीटकर मारने वाले 4 लोगों को फांसी
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अफगानिस्तान के काबुल में भीड़ ने एक महिला को इसलिए मार डाला क्योंकि उस पर कुरान जलाने का आरोप था। अदालत ने इस मामले में 4 लोगों को फांसी की सजा सुनाई है। भीड़ ने बीते 19 मार्च को 27 वर्षीय फरखुंदा को एक पुल पर पटक कर उसे जला दिया था।
जिसके बाद उसे फिर नदी में फेक दिया गया था। इस मामले में 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जिसमें अदालत ने 8 और लोगों को 16 साल के कारावास की सजा सुनाई है, वहीं 18 अन्य लोगों को अदालत ने इस मामले में दोषी नहीं पाया। (तस्वीर साभार- खामा प्रेस)
भीड़ द्वारा महिला को मारने का विडियो भी सामने आया था। वीडियो से पता चलता है कि फरखुंदा को आक्रोशित भीड़ ने घेर लिया था। लोगों ने उसे धक्के देने शुरू किए और फिर अपने पैरों से मारने लगे। भीड़ ने उस पर पत्थर भी बरसाये और फिर उसे आग के हवाले के कर दिया।
मौलवी का किया था विरोध
जज सफीउल्ला मुजादीदी ने कहा है कि इस मामले में 19 अन्य पुलिस वालों को भी सजा जल्द ही सुनाई जाएगी। उसकी मौत के बाद जांच में यह बात सामने आई थी कि वह मानसिक रूप से बीमार है।
वहीं फरखुंदा के पिता नादिर ने एक बयान में कहा है कि आखिर उनकी बच्ची कुरान क्यों जलाएगी?जबकि वो खुद बच्चों को कुरान पढ़ाती थी। फरखुंदा के परिजनों के मुताबिक उनकी बेटी ने एक स्थानीय मस्जिद के मौलवी का विरोध किया था, जो लोगों को गलत तावीजें बांट रहा था और ये इस भीड़ को उकसाने का काम मौलवी ने ही किया था।
मौलवी ने अपनी नौकरी बचाने के लिए उनकी बेटी पर कुरान जलाने का आरोप लगा दिया। अफगानिस्तान की हज और धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने फरखुंदा के खिलाफ कोई सबूत नहीं पाया है कि उसने कुरान जलाए थे। वहां मौजूद अन्य लोगों का कहना है कि वो लोग भीड़ को रोकने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन भीड़ नहीं मान रही थी। वो बस उसे मारे जा रही थी।