आजमगढ़: 24 घंटे में गैंगरेप की दूसरी घटना
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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में चौबीस घंटे में दूसरी बार गैंगरेप की घटना हुई। बृहस्पतिवार रात कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में एक महिला के साथ गैंगरेप हुआ। पीड़िता के ससुर के विरोध करने पर आरोपियों ने उसके ऊपर धारदार हथियार से हमला कर दिया।
दुष्कर्म की शिकार महिला और उसके ससुर को उपचार के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में कप्तानगंज पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर उनका शांतिभंग की धारा में चालान किया है। उधर, कप्तानगंज पुलिस ने बलात्कार के आरोप को फर्जी बताया है।
बेटी से छेड़छाड़, बहू से गैंगरेप
अस्पताल में भर्ती पीड़ित महिला के ससुर ने बताया कि बृहस्पतिवार रात उसकी बहू और पुत्री नित्यक्रिया के लिए खेत की तरफ गई थीं। इस दौरान घात लगाकर छिपे पांच लोगों ने दोनों को पकड़ लिया। वे उनके साथ छेड़खानी करने लगे। विरोध करने पर उसकी पुत्री की जमकर पिटाई की।
बेटी किसी प्रकार उनके चंगुल से निकल भागी। इस बीच दो लोगों ने उसकी बहू के साथ दुष्कर्म किया। बेटी घर पहुंची और घरवालों को पूरी बात बताई। जब तक घरवाले मौके पर पहुंचते, आरोपी मौके से भाग चुके थे।
घटना की जानकारी होने पर ससुर जब एक आरोपी के घर पूछताछ करने के लिए गए तो उन पर चाकू से हमला कर दिया। पुलिस ने जगदीश यादव और रामकिसुन को गिरफ्तार कर उनका शांतिभंग की धारा में चालान कर दिया है। उधर, कार्यवाहक थानाध्यक्ष कप्तानगंज प्रभाकर शुक्ला ने बताया कि बलात्कार का आरोप फर्जी है। मौके पर सिर्फ मारपीट का मामला सामने आया है।
किशोरी से सामूहिक में तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने बुधवार रात आजमगढ़ के सरायमीर में किशोरी के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम देने वाले चार आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया है। किशोरी की मेडिकल जांच करने के लिए दो डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। उधर, शुक्रवार को एसपी अनंत देव मिश्र पीड़ित किशोरी के गांव पहुंचे और घटना की जानकारी ली। मालूम हो कि सरायमीर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के साथ चार लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था।
बेहोशी के हालत में किशोरी दूसरे दिन मझुई नदी के किनारे पड़ी मिली थी। उसकी मां उसे लेकर थाने पहुंची। होश आने पर किशोरी के द्वारा बताए गए आरोपियों के विरुद्ध पुलिस ने थाने में रिपोर्ट दर्ज की थी।
साथ ही किशोरी को उपचार और मेडिकल मुआयने के लिए थानाध्यक्ष महिला आरक्षी की देखरेख में जिला मुख्यालय स्थित महिला अस्पताल भेजा। थानाध्यक्ष सरायमीर तेजबहादुर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मुकेश पुत्र छोटेलाल सरोज, अरविंद पुत्र बच्चन सरोज, विक्रांत सरोज पुत्र रामचंद्र है। जबकि चौथे फरार आरोपी दुर्गेश सरोज की तलाश की जा रही है। सभी आरोपी किशोरी के गांव के ही रहने वाले हैं।
किशोरी संग दुष्कर्म का किया प्रयास
पुलिस ने मामले को एनसीआर में दर्ज किया है। किशोरी के पिता ने बताया कि वह काफी गरीब है। मेहनत-मजदूरी करके परिवार का पेट पालता है। उसका कहना है कि इस मामले में मेरी सुनवाई कहीं नहीं हो रही है। इस संबंध में कार्यवाहक थानाध्यक्ष सिधारी जनार्दन ने बताया कि अभी मारपीट की रिपोर्र्ट दर्ज की गई है।
मौत से जूझ रही हैवानियत का शिकार बनी महिला
इटावा में बेटी के साथ दुष्कर्म करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का खामियाजा भुगत रही उसकी मां अब मरणासन्न स्थिति में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। शरीर के 90 प्रतिशत अंगों पर गंभीर चोटें होने के साथ चार फैक्चर हैं। आगरा के प्राइवेट अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। महिला के साथ दुष्कर्म की आशंका के चलते उसका डॉक्टरी परीक्षण कराने के साथ ही पुलिस ने स्लाइड बनवाई है। मां के साथ रेप की पुष्टि तो स्लाइड रिपोर्ट आने के बाद ही होगी लेकिन बेटी के साथ दुष्कर्म करने वालों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
सीएम के गृह जिले में एक बार फिर हैवानियत की जीती जागती कहानी लिखी गई है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत जाति विशेष के दबंगों ने 12 मई की रात किशोरी के साथ बलात्कार किया। बेटी को न्याय दिलाने के लिए मां ने सिविल लाइन थाने में 13 मई को गांव के ही सोनी व उमेश के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया। पहले तो दबंगों ने मामले को तीन लाख रुपये की रकम से दबाने की कोशिश की लेकिन महिला बेटी को न्याय दिलाने पर अड़ी रही। इससे बौखलाए दबंगों ने 25 मई की शाम महिला को घेर लिया और उसे निर्वस्त्र करके इतना पीटा की वह बेदम हो गई।
महिला को मरा समझकर दबंग उसे झाड़ियों में फेंक कर भाग गए। होश में आने पर महिला चीखी चिल्लाई तो गांव के लोगों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस इस मामले को रफादफा करने में जुटी रही लेकिन जब दबाव पड़ा तो महिला के बयान दर्ज किए और देवर की तहरीर पर बसंतलाल व उसके बेटे मुनेश, भतीजे पंडित के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।