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यूपी: गैंगरेप के बाद छात्रा की गला घोंटकर हत्या

Thu, 24 Dec 2015 03:25 PM IST
Updated Thu, 24 Dec 2015 03:25 PM IST
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Schoolgirl Murderd after rape in Aligarh.

अनेक प्रयासों के बावजूद बलात्कार की घटनाएं थम नहीं रही हैं। बुधवार की सुबह 11 वीं की एक छात्रा उस वक्त कुछ सिरफिरों की दरिंदगी का शिकार बन गई जब वह साइलकिल से हरदुआगंज टयूशन के लिए जा रही थीं। बदमाश उसे सड़क से खींच कर गन्ने के खेत में ले गए और गैंगरेप के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी।

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इस घटना से भड़के ग्रामीणों ने मौके पर देरी से पहुंचे पुलिस कर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान एसओ की निजी गाड़ी को भी निशाना बनाया गया। बाद में एसएसपी के मौके पर पहुंचने पर ग्रामीण शांत हुए। इस संबंध में चार अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएसपी ने ग्रामीणों को आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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हरदुआगंज के पास के एक गांव की किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली 11वीं की 17 वर्षीय छात्रा रोजाना की तरह साइकिल से ट्यूशन जाने के लिए घर से निकली। बताते हैं, करीब पौने आठ बजे जैसे ही वह गांव गुरसिखरन और डसन्ना के बीच ईंट भट्ठे के पास पहुची, एक पैशन प्रो बाइक पर सवार चार युवक उसे घसीटकर ईख के खेत में ले गए।
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जहां उससे सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इस बीच छात्रा के पीछे-पीछे गांव से ट्यूशन जा रहे अंकुश नामक एक किशोर ने सारा माजरा देख लिए। अपनी साइकिल वहीं छोड़कर वह अपने गांव भागता हुआ पहुंचा और गांव वालों को सारी कहानी बताई।

गुस्‍से में लोग, एसएसपी ने दिया कार्रवाई का भरोसा

Schoolgirl Murderd after rape in Aligarh.

इसके बाद शोरशराबा करते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। तब तक देरी हो चुकी थी। घटना को अंजाम देने के बाद बादमाश वहां से भाग गए थे।

घटनास्थल पर अंकुश और छात्रा की साइकिल पड़ी मिली। जबकि ईंख के खेत में किशोरी का शव पड़ा मिला। एक पैर में उसकी जींस पेंट फंसी थी और उसकी चुन्नी से गला घोंटा हुआ था।
 
घटना की जानकारी मिलने पर जब करीब नौ बजे थाने के एक एचसीपी व दो सिपाही मौके पर पहुंचे, तो उन्हें देखते ही ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने पुलिस कर्मियों की गन्नों से पीटाई कर वहां से दौड़ाकर भगा दिया। ग्रामीण, पुलिस वालों के देरी से पहुंचने से भड़के हुए थे।

इसी बीच वहां एसओ भी अपनी निजी जीप से पहुंचे, जिन्हें भी ग्रामीणों ने नहीं बख्शा। उनकी जीप पर पथराव कर उसके शीशे तोड़ डाले। खबर मिलने पर वहां कई थानों की पुलिस, पीएसी एवं एसपीआरए, एसडीएम व सीओ बुला लिए गए। इस बीच लोग डीएम-एसएसपी के मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए।

करीब सवा ग्यारह बजे एसएसपी जे रविंदर गौड़ के मौके पर पहुंचने के बाद ही ग्रामीण शांत हुए। फिर घटनास्थल से शव हटाया गया। एसएसपी ने किशोरी की अंत्येष्टि तक आरोपियों पर ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

फारेंसिक जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हो गई है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इस संबंध में किशोरी के ताऊ के बेटे ने दुष्कर्म व हत्या की धारा में अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है।

अधूरी रह गई ‘बिटिया’ की ख्वाहिस

Schoolgirl Murderd after rape in Aligarh.

दरिंदगी का शिकार बनी ‘बिटिया’ शिक्षक बनकर ज्ञान का दीपक घर- घर जलाना चाहती थी। सात बहनों में में वह सबसे छोटी थी लेकिन कद उससे बड़ा बना लिया था। पिता का साया उठने के बाद बेटे की भूमिका अदा कर रही थी। पढ़ाई का उसका जुनून ही था कि एक दिन भी छुट्टी उसे गवारा नहीं थी।

हरदुआगंज में पहले वह कैमिस्ट्री की ट्यूशन पड़ती थी फि र स्कूल। आठ बजे कोचिंग पहुंचने को उसे 10 किमी साइकिल चलानी पड़ती थी। समय से पहुंचे इसके लिए सात बजे ही घर छोड़ देती थी।

बड़ी छह बहनों की शादी हो चुकी थी। घर में उसके अलावा मां और 12 साल का छोटा भाई ही था। मां भी अक्सर बीमार रहती थी। ऐसे में अपनी शिक्षा को जारी रखना और परिवार की जिम्मेदारी उसके ही जिम्मे थी। इसको वह निभा भी खूब रही थी।

सुबह घर का चौका बासन और पशुओं का गोबर कूड़ा करने के बाद ही पढ़ने के लिए निकलती थी। 11 दिसंबर को मां के फ्रैक्चर हो गया था।

12 दिसंबर को ऑपरेशन हुआ था। टांके न कटे होने के कारण वह बिस्तर पर ही हैं, बिटिया की अनुपस्थिति में अभी तक मां की सेवा कर रही छठवे नंबर की बहन को अपनी ससुराल जाना था। इस पर ‘बिटिया’ ने निर्णय ले लिया था कि वह 25 दिसंबर से कोचिंग बंद कर देगी और मां की सेवा करेगी।

दरिंदों ने 25 दिसंबर नहीं आने दी। बड़ी बहनों से वह कहती भी थी शिक्षक बनना है। उन बच्चों को पढ़ाना चाहती हूं जो फीस नहीं भर सकते। ‘बिटिया’ सामाजिक सरोकार में भी पीछे नहीं थी। रविवार को वह पूरे गांव में बच्चों को पोलियो की दवा पिलवाने को दौड़ भाग करती रहती थी।

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