'प्रेम गली' में लगाता था चक्कर, ऐतराज पर कत्ल
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उम्र अभी पढ़ने और खेलने-कूदने की थी लेकिन अपनी ही क्लास की लड़की से दिल्लगी हो गई। वह अक्सर उस लड़की के मोहल्ले में दिखने लगा। लेकिन यह बात उसके सीनियर स्टूडेंट को ठीक नहीं लगी।
सीनियर ने उस लड़के का लड़की के साथ कुछ फोटोग्राफ खींचकर स्कूल प्रिंसिपल को दिखा दिए। इस पर उस लड़के को स्कूल से निकाल दिया। इससे नाराज लड़के ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर सीनियर स्टूडेंट को गोली मार दी।
पुलिस ने वारदात के लभगभ ढाई महीने बाद हत्याकांड से पर्दा उठाया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की है।
गलत सोहबत में रची साजिश
क्राइम ब्रांच ने दो नवंबर 2013 को लोनी में हुए 12वीं के स्टूडेंट अंकित हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। हत्यारोपी नौंवी के छात्र कुलदीप शर्मा (18) और उसके साथी कृष्ण को गिरफ्तार कर तमंचा बरामद किया है। कुलदीप का साथ पढ़ने वाली छात्रा से प्रेम प्रसंग था, जो अंकित के मुहल्ले की थी।
एएसपी परविंदर सिंह ने बताया कि कृष्ण लोनी के इलायचीपुर का रहने वाला है। उस पर हत्या, लूट और जानलेवा हमले के 8 मुकदमे हैं। कुलदीप बागपत के बड़ौत थाना क्षेत्र का निवासी है और लोनी ट्रोनिका सिटी में मामा के घर रहकर पढ़ता था।
कृष्ण से उसकी दोस्ती वारदात से कुछ दिन पहले ही हुई थी। कुलदीप का कुछ युवकों से झगड़ा हो गया था। वे कुलदीप को पीट रहे थे तो कृष्ण ने उसे बचाया था। स्कूल से निष्काषित किए जाने पर कुलदीप ने कृष्ण के साथ अंकित की हत्या की साजिश रची।
एएसपी ने बताया कि पुलिस रिकार्ड में कुलदीप बालिग है, उसकी उम्र 18 साल है। क्राइम ब्रांच प्रभारी ने बताया कि बीच-बीच में कुलदीप की पढ़ाई डिस्टर्ब हुई, इसलिए वह नौंवी क्लास में रह गया।
'अंकित ने पढ़ाई चौपट कर दी थी'
कुलदीप ने बताया कि वह मामा के यहां रहकर पढ़ने के लिए आया था, लेकिन स्कूल से निकाले जाने पर उसकी पढ़ाई चौपट हो गई थी। उसकी बदनामी हो गई थी। घर में भी उसको काफी डांट पड़ी थी। इसी खुन्नस में उसने वारदात की। तमंचा उसे कृष्ण ने उपलब्ध कराया था।
...ऐसे पहुंची पुलिस हत्यारोपियों तक
क्राइम ब्रांच प्रभारी राजेश द्विवेदी ने बताया कि ये ब्लाइंड मर्डर था। पुलिस जांच में पता चला कि अंकित ने कुलदीप की शिकायत स्कूल प्रिंसिपल से की थी, जिस पर कुलदीप को स्कूल से निकाल दिया गया था। पुलिस ने कुलदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वारदात की गुत्थी सुलझ गई।
ये था मामला
अंकित (19) लोनी के खानपुर जफ्ती गांव निवासी वेदप्रकाश का इकलौता पुत्र था। वेदप्रकाश आर्मी में हैं। अंकित खजूरी दिल्ली के सरकारी स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र था। दो नवंबर 2013 को स्कूल से लौटते हुए उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।