फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Crime Archives ›   school manager arrested on helping asaram in rape case

'दुराचारी आसाराम को बचाने के लिए रची साजिश'

Wed, 28 Jan 2015 01:27 PM IST
Updated Wed, 28 Jan 2015 01:27 PM IST
विज्ञापन
school manager arrested on helping asaram in rape case

आसाराम प्रकरण में पीड़िता का जन्मतिथि संबंधी फर्जी प्रमाण-पत्र अपने स्कूल से ही जारी करने वाले प्रबंधक संत किशोर त्रिपाठी को कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।

विज्ञापन


पीड़िता के पिता ने 19 नवंबर 2014 को आनंदपुरम् कॉलोनी स्थित सेंट बीएन स्कूल के प्रबंधक त्रिपाठी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।

पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया था कि त्रिपाठी ने उसकी बेटी का फर्जी जन्मतिथि प्रमाण-पत्र बनाकर आसाराम के गुर्गों को दे दिया था, जिसकी जानकारी उन्हें पीड़िता के कोर्ट में बयान की कार्यवाही के दौरान हुई थी। पीड़िता इस स्कूल में कभी पढ़ी ही नहीं थी।

विज्ञापन

बीमा करने के बहाने हासिल किए थे कागज

school manager arrested on helping asaram in rape case

पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट लिखाई थी कि संत किशोर त्रिपाठी बीमा एजेंट का काम भी करते थे। त्रिपाठी ने 10 फरवरी 2008 को उनसे बेटी के नाम पर 30 हजार रुपये की बीमा पॉलिसी लेने को कहा। पुरानी पहचान होने की वजह से उन्होंने बेटी का बीमा कराने के लिए हामी भर दी।

त्रिपाठी बीमा के फार्म पर पीड़िता की मां से हस्ताक्षर करवाकर ले गया और कहा कि बाकी फार्म बाद में मैं भर दूंगा। रिपोर्ट के मुताबिक तब पीड़िता के पिता ने उसके शैक्षिक प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी त्रिपाठी को दी थीं।

आरोप है कि संत किशोर ने लालच में आकर उन्हीं फोटो कॉपी का सहारा लेते हुए पीड़िता को अपने स्कूल की छात्रा बताकर आसाराम के गुर्गों को स्कूल के लेटर पैड पर जन्मतिथि का फर्जी प्रमाण-पत्र जारी कर दिया। उसमें जन्मतिथि चार जुलाई 1994 लिखी गई थी।

ऐसे हुआ इस साजिश का खुलासा

school manager arrested on helping asaram in rape case

पीड़िता के पिता के मुताबिक जोधपुर कोर्ट में बेटी के बयान की कार्यवाही के दौरान उन्हें इस फर्जी प्रमाण पत्र का पता चला।

सेंट बीएन पब्लिक स्कूल के नाम फर्जी जन्मतिथि प्रमाण-पत्र देखकर उन्होंने कोर्ट में आपत्ति दाखिल कर दी और फिर वहां से लौटकर प्रबंधक त्रिपाठी से इस बारे में बात की तो उसने जान से मारने की धमकी दी थी।

इसके बाद ही त्रिपाठी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी कागजात तैयार करने, गाली गलौज और जान से मारने की धमकी की धाराओं के तहत मुकदमा लिखा गया था। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी संत किशोर को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।

पीड़िता के पिता ने कहा कि उनकी बेटी सेंट बीएन स्कूल में कभी नहीं पढ़ी, फिर भी स्कूल प्रबंधक संत किशोर त्रिपाठी ने बेटी का फर्जी जन्मतिथि प्रमाण-पत्र जारी कर दुराचारी आसाराम का साथ दिया, जिसकी सजा उसे मिलनी ही चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed