अतीक अहमद और उनके भाई पर CBI का शिकंजा
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समाजवादी पार्टी के बड़े नेता पूर्व सांसद अतीक अहमद और एसपी से ही पूर्व विधायक उनके भाई अशरफ की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों भाईयों के खिलाफ हत्या के मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट में अतीक अहमद और अशरफ पर बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधायक राजू पाल की हत्या का आरोप है। राजू पाल की हत्या 25 दिसंबर 2005 को यूपी के इलाहाबाद में दिनदहाड़े कर दी गई थी।
राजू पाल दक्षिणी शहर से बीएसपी के विधायक थे। अतीक अहमद और अशरफ दोनों फिलहाल जेल से बाहर हैं।
एक नहीं, कई हत्याओं में आरोपी रहे अतीक अहमद
पूर्व सांसद पर एक नहीं कई लोगों की हत्याओं के आरोप हैं। इससे पहले अशरफ अली की हत्या मामले में अतीक अहमद, उनके भाई अशरफ, मंसूर आलम, नबी अहमद और रफीक उर्फ गुलफुल के खिलाफ हत्या और हत्या की साजिश सहित कई धाराओं में आरोप तय किए जा चुके हैं।
इस मामले में आगामी नौ मार्च को सुनवाई होनी है। अशरफ अली की हत्या 20 जनवरी 2003 को गोली मारकर की गई थी।
वहीं इलाहाबाद कचहरी के बाहर साल 1995 में हुए शूट आउट में भी अतीक अहमद का नाम आया था, लेकिन सीबीआई की विशेष अदालत ने एसपी नेता को हत्या और हत्या की साजिश के आरोप से बरी कर दिया था।
इस शूटआउट मामले में अदालत से दोषमुक्त किए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए पूर्व सांसद अतीक अहमद ने सीबीआई की कार्यशैली पर सवाल भी उठाए थे। अतीक अहमद के वकील खान सौलत हनीफ ने कहा था कि राजनीतिक कारणों से सीबीआई ने अतीक को इस मामले में जबरन फंसाया है।