पवित्र कुरान पर जूता मारने वाले को सजा-ए-मौत
इस्लाम धर्म में विश्वास न रखने और पवित्र कुरान का अपमान करने के आरोप में एक शख्स को मौत की सजा सुनाई गई है। उसने कुरान पर जूते मारने के बाद उसके पन्ने भी फाड़ दिए थे और उसकी वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।
मामला सऊदी अरब का है। हफ्र अल बतिन में रहने वाले एक 20 वर्षीय आरोपी ने सोशल नेटवर्किंग साइट कीक (Keek) पर यह वीडियो डाला था।
सूत्रों के अनुसार, मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि वीडियो से यह साबित होता है कि उसने पैगंबर मुहम्मद और खुदा का अपमान किया है। उसने पवित्र कुरान पर जूते मारकर उसका भी अपमान किया है। उस पर सारे आरोप साबित होने के बाद उसे मौत की सजा दी गई।
आम जनता के सामने काटा जाता है सिर
डेली मेल के मुताबिक, आरोपी को बीते वर्ष पुलिस ने धर्म की अवमानना के आरोप में गिरफ्तार किया था और कोर्ट में पेश किया। शरिया के कानून के मुताबिक धर्म की अवमानना और त्याग करने वाले को मौत की सजा दी जाती है।
इसके अलावा ईश-निंदा और धर्मगुरुओं की निंदा करने पर भी यहां मौत की सजा का प्रावधान है। मौत की सजा यहां सार्वजनिक स्थान पर सिर काट कर दी जाती है।
इंटरनेशनल राइट ग्रुप ने कहा कि सऊदी अरब के जस्टिस सिस्टम में कई कमियां हैं, जिनके कारण आरोपी को अपना पक्ष रखने का सही मौका नहीं मिल पाता। बीते वर्ष जेद्दाह की अदालत ने उतारवादी नेता रईफ बदावी को 1000 कोड़े मारने और 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। इस पर धार्मिक अवमानना का आरोप लगा था।