फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Crime Archives ›   Sadhu arrested in fake indian currency racket

बड़े रैकेट का भंडाफोड़, साधु समेत 6 गिरफ्तार

Mon, 30 Mar 2015 11:13 AM IST
Updated Mon, 30 Mar 2015 11:13 AM IST
विज्ञापन
Sadhu arrested in fake indian currency racket

पिछले सप्ताह सेक्स रैकेट में पुजारी के फंसने का मामला अभी चल ही रहा था कि एक बार फिर एक बड़े रैकेट में एक साधु का नाम सामने आने से पुलिस भी हैरान रह गई है। मामला गुजरात के राजकोट का है, जहां स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने स्वामी अक्षर प्रकाश दास को दूसरे रैकेट में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

विज्ञापन


भावनगर पुलिस के अनुसार, आरोपी बाबा, स्वामीनारायण गुरुकुल में रहता था। हाल ही में पुलिस ने फर्जी नोटों को एक रैकेट का भंडाफोड़ किया था, जिसकी जांच के दौरान बाबा का नाम भी सामने आया।
विज्ञापन


स्वामी के खिलाफ आईपीसी की धारा 489 (फर्जी करेंसी) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके अलावा पुलिस ने चंदू पटेल नाम के एक शख्स को भी गिरफ्तार किया है, जोकि इस रैकेट में दलाल (मीडिएटर) का काम करता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

नकली नोट चलाने का भी होता था टारगेट

Sadhu arrested in fake indian currency racket

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सप्ताह भावनगर में पुलिस ने फर्जी करेंसी रैकेट का भंडाफोड़ करके पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। उन पांचों से पूछताछ के दौरान स्वामी का नाम सामने आया। इन पांचों की पहचान महेंद्र सिंह गोहिल (31), कावा मेर (42), लक्ष्मण गोहिल (45), राजू डोडिया (35) और भूपत जपाडिया (42) के रूप में हुई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि स्वामी अक्षर प्रकाशदास ने उन्हें तीन लाख रुपए के नकली नोट देकर उन्हें डेढ़ लाख के असली रुपयों में बदलने का टारगेट दिया था।

बताया जा रहा है कि स्वामी ने पुलिस से कहा कि उसने पकड़े जाने के डर से 1.5 लाख रुपए के नकली नोट भी आरोपियों को दे दिए थे, जबकि बाकी का बचा पैसा उसने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जला दिया।

ऐसे बनाते थे नकली नोट

Sadhu arrested in fake indian currency racket

बता दें कि पिछले सप्ताह पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि महेंद्र सिंह, कावा, लक्ष्मण और उनका एक अन्य साथी भूपत से मिलकर फर्जी करेंसी लेने जा रहे हैं। इनकी मीटिंग 23 मार्च को भारतनगर के जीआईडीसी में तय हुई थी।

पुलिस ने उन्हें रंगेहाथ तब गिरफ्तार किया था, जब वे आपस में पैसों के बैग बदल रहे थे। पुलिस ने बैग की तलाशी थी उनमें नकली नोटों के चार बंडल मिले, जिनमें 500 के कुल 385 नोट थे। इन सभी का सीरियल नंबर भी एक ही था।

एसओजी के अधिकारियों ने बताया कि भूपत ने फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर के जरिए असली नोट को स्कैन करके फर्जी करेंसी तैयार की थी। पुलिस ने उसके अड्डे से स्कैनर, प्रिंटर, फेक करेंसी समेत बड़ी मात्रा में सामान सीज किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed