ढाई करोड़ की डकैती, ढाई लाख में खुलासा!
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कोतवाली पुलिस रामपुर बाग में कोरल मोटर्स के मालिक अजय अग्रवाल के घर हुई ढाई करोड़ की डकैती को ढाई लाख रुपये में खोलने की तैयारी कर रही है। हरियाणा के 50 हजार के इनामी देवेंद्र सिंह को मुख्य आरोपी बनाते हुए इसके लिए कहानी भी गढ़ ली गई है।
नैनीताल से पकड़कर लाए गए देवेंद्र के साथी जॉन एरिक, नकटिया के पीएसी जवान के बेटे राजू और उसके साथी नासिर को भी गैंग में दिखाया जाना है। इस सिलसिले में उठाए गए मोबाइल कंपनी के कर्मचारी को सशर्त सांसद वरुण गांधी के पीआरओ अश्वनी कुमार के सुपुर्द कर दिया है। शर्त ये है कि विवेचना के दौरान जब राजेश की जरूरत होगी उसे यहां आना होगा।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस को अजय अग्रवाल की कोठी सेदेवेंद्र सिंह का पहचान पत्र भी मिल गया है। कॉल डिटेल से राजू, जॉन और नासिर के देवेंद्र से रिश्तों की पुष्टि हो गई है। घटना के दिन भी इनमें से तीन लोगों की लोकेशन एक ही जगह पर मिली है।
राजू समेत तीनों बदमाशों के बयानों की वीडियोग्राफी करा ली गई है। वीडियोग्राफी के दौरान भी तीनों ने घटना में शामिल होना कुबूल किया है। पुलिस बरामदगी के नाम पर राजू के कपड़े, दो से ढाई लाख रुपये की नगदी, कुछ चांदी के सिक्के और बर्तन दिखा सकती है।
दिल्ली, हरियाणा पुलिस को भी देवेंद्र की तलाश
देवेंद्र को मुख्य आरोपी दिखाकर फरार दिखा दिया जाएगा। यूपी सरकार से देवेंद्र सिंह पर इनाम भी घोषित कराने की तैयारी की जा रही है। सोनीपत (हरियाणा) और जयपुर में देवेंद्र सिंह ने जो डकैती और हत्याएं की हैं, उसके बारे में भी जानकारी जुटा ली गई है। हालांकि एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा का कहना है कि डकैती में अभी किसी का नाम नहीं खुला है। डकैती का खुलासा होगा तो सभी को बुलाकर बताया जाएगा।
शातिर देवेंद्र सिंह बरेली के अलावा दिल्ली और हरियाणा में भी आपराधिक वारदातों को अंजाम देता है। तीन प्रदेशों की पुलिस देवेंद्र को तलाश रही है। हरियाणा पुलिस को सोनीपत में हुई डकैती के बाद अभी तक देवेंद्र नहीं मिला है। दिल्ली में भी देवेंद्र ने कई वारदातें की हैं। नोएडा में सिक्योरिटी कंपनी को चलाने वाला बिहार का एक लाख का इनामी शातिर बदमाश देवेंद्र का गुरु है। बरेली के वन्नूवाल नगर में देवेंद्र के गुरु को भी देखा गया है।
लादेन से नाम से बना था ग्रुप
मोबाइल कंपनी के कर्मचारी की देवेंद्र से जान पहचान थी। उसने अपने मोबाइल में लादेन ग्रुप बनाकर देवेंद्र सिंह का नंबर फीड कर रखा था। इसके अलावा और भी जो संदिग्ध डकैती के मामले में पकड़े गए हैं, उनकी कॉल डिटेल से पुलिस को काफी जानकारी मिली है। कॉल का मिलान कराया जा रहा है। एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा का कहना है कि हम मामले का खुलासा करने के करीब हैं, लेकिन यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि माल कितना गया है।