'तुमने ब्वॉयफ्रेंड बनाया, मैं उसे नपुंसक बना दूंगा'
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यौन अपराधों की फेहरिस्त में जानी मानी हस्ती पूर्व ऊर्जा और संसाधन संस्थान के महानिदेशक आरके पचौरी साल भर पहले ही शामिल हो गए थे, लेकिन अब उनके खिलाफ दर्ज हुई तहरीरों की पर्ते-दर-पर्ते खुलने लगी हैं।
अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक उन फरियादी महिलाओं के बयान हाथ लगे हैं, जो बीते साल फरवरी में जज के सामने दर्ज किए गए थे। पचौरी के खिलाफ दर्ज हुए बयानों के दौरान केवल जज और फरियादी महिलाएं ही मौजूद रहीं।
पचौरी के खिलाफ दर्ज किए गए बयानों की हकीकत उस वक्त सामने आई है, जब करीब हफ्ते भर पहले एक और महिला पचौरी के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत कर चुकी है।
रिपोर्ट के मुताबिक साल 2014 में मेक्सिको के लोस काबोस में शिखर सम्मेलन शामिल होने से पहले फ्लाइट लेने के दौरान पचौरी ने पहली फरियादी महिला को धमकी दी थी कि अगर उसने ब्वॉयफ्रेंड बनाया तो उसके ब्वॉयफ्रेंड को नपुंसक बना दिया जाएगा। पचौरी ने पीड़िता को एक शक्स के साथ बातचीत करते हुए देख लिया था।
'जबरन अश्लील साहित्य थमाया'
वहीं साल 2013 में एक ऑफिशियल ट्रिप के दौरान पचौरी ने महिला पर किस करने का दबाव बनाया था। रिपोर्ट के मुताबिक पचौरी ने महिला के विरोध करने पर उसे अपना लिखा हुए अश्लील साहित्य 'रिटर्न टू अलमोड़ा' दिया और उसे पढ़ने के लिए भी दबाव डाला था।
ईटी के रिपोर्ट के मुताबिक दूसरी फरियादी महिला ने भी पचौरी की घिनौनी करतूतों से ये कहते हुए राज उजागर किया कि उसे भी अश्लील साहित्य की मैनुस्क्रिप्ट जबरन थमाई गई और उसे पढ़ने का दबाव भी बनाया गया। दूसरी फरियादी महिला पचौरी के साथ साल 2003-04 में काम कर चुकी है। उसे पचौरी के केस में बतौर गवाह पेश किया जाएगा।
3 सितंबर, 2013 में पहली फरियादी महिला के पास पचौरी की तरफ से एक एसएमएस आया जिसमें लिखा था कि ''अब से मैं तुम्हें अपनी जिंदगी बुलाऊंगा।'' पचौरी के खिलाफ दर्ज की गई 500 पेज की चार्जशीट में दाखिल साक्ष्यों और दस्तावेजों में से ये संदेश एक है।
एक न्यूज चैनल के मुताबिक चार्जशीट में 25 और गवाहों को शामिल किया जाएगा। एक और वेबसाइट स्करॉल.इन के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने पचौरी को महिलाओं के साथ यौन अपराधों को अंजाम देने का गुनहगार माना है।
'पचौरी के खिलाफ पर्याप्त सुबूत'
चार्जशीट के मुताबिक पचौरी ने टेरी के डायरेक्टर जनरल के पद रहते हुए शक्तियों का दुरुपयोग किया है, इसलिए पचौरी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त सुबूत हैं। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक पचौरी ने फरवरी 2014 से मार्च 2015 के दरमियान पीड़िता को 34 बार अपने मोबाइल फोन से कॉल्स की थीं।
वहीं फरियादी महिला ने पचौरी को 26 दफा फोन किया। चार्जशीट में उन 6000 एसएमएस का आंकड़ा भी दर्ज है जो साल 2013 से साल 2015 के बीच पचौरी और फरियादी महिला के बीच किए गए।
वहीं टेरी से अनिश्चितकालीन छुट्टी पर चल रहे पचौरी ने अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है। पचौरी के मुताबिक उनकी ई-मेल आईडी, फोन और व्हॉट्सऐप को हैक करने के बाद उन्हें फंसाया गया है। फिलहाल पुलिस सिलसिलेवार सामने आ रहे नए सुबूतों को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में ले जाने में देर नहीं कर रही है। पचौरी की हकीकत से जल्द ही पर्दा उठने की उम्मीद की जा रही है।