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'अक्षय कलश' से खुद ठगा तो दूसरों को ठगने लगा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 23 Aug 2014 03:27 PM IST
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कोयंबटूर पुलसि ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों को 'अक्षय कलश्ा' का झांसा दे ठगी करता था।
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पुलिस के अनुसार इस गिरोह में आठ लोग शामिल हैं जिनमें से पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य तीन की तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन पीतल के कलश, कुछ बर्तन और अन्य सामग्री बरामद की है।
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक आर सरन उर्फ सरवनन ने पुलिस को बताया कि वह करीब पांच साल पहले एक मंदिर से एक कलश खरीदकर लाया था।
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इस कलश के बारे में यह दावा किया गया था कि इस कलश में कोई विशेष जादुई शक्ति है जो पास में रखे चावलों को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है और इसमें रखे जाने वाले चावल कभी कम नहीं होते।
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लेकिन घर आकर उसे पता चला कि वह धोखाधड़ी का शिकार हुआ है और कलश में ऐसी कोई चमत्कारिक शक्ति नहीं है।
इस घटना के बाद सरवनन ने जैसे खुद ठगी का शिकार हुआ है वैसे ही लोगों को ठगने का प्लान बनाया। फिर उसने अपने कुछ खास दोस्तों के जरिए इस ठगी के काम को अंजाम देने लगा और लोगों को लाखों का चूना लगाने लगा।
ठगी के लिए अक्षय कलश गिरोह ने धातु के कलश के पास कुछ चावल रखता जो किसी मैग्नेट के बने होते। फिर ये लोग ग्राहकों को दिखाते कि यह पवित्र कलश किस प्रकार चावलों को अपनी ओर खींच लेता है।
कलश खरीदने वाले से गिरोह के लोग बोलते कि इस कलश को खरीदने वाले के पास कभी भी धन की कमी नहीं होगी क्योंकि यह धन को अपनी ओर आकर्षित करता है।
गिरफ्तार किए गिरोह के सदस्यों ने तमिलनाडु में कई इस तरह के गिरोह सक्रिय हैं जो उनके संपर्क में हैं।
पकड़े गए लोगों में से सरवनम, मोहन, मुस्तफा निजार, के रमेश और अशोक नागर हैं जो अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। बाकी तीन निजार, अब्दुल राजिद और हनीफ की तलाश चल रही है।