मां-बाप बने मोहब्बत में रोड़ा तो जज ने सुनाया फैसला

अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 22 Oct 2013 10:57 AM IST
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raped accused got relief by delhi court

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16 वर्ष की एक लड़की की एक लड़के से दोस्ती होती है और फिर दोनों में मोहब्बत। घरवालों की मर्जी के खिलाफ लड़की अपने प्रेमी के साथ शादी कर लेती है और घर से भाग जाती है।
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घर से काफी दूर दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रहते हैं। इससे नाराज लड़की के परिजनों ने लड़के के खिलाफ अपहरण और रेप का मामला दर्ज करा दिया।
कोर्ट ने सोमवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि ऐसा कोई कानून नहीं है, जो यह कहे कि गरीब और भोले भाले लोग प्रेम नहीं कर सकते। चाहे यह जालिम समाज माने या न माने। आरोपी व पीड़ित लड़की शादीशुदा हैं।
अदालत ने आरोपी युवक को बरी कर दिया। अदालत ने यह फैसला 17 वर्षीय लड़की के बयान को ध्यान में रखकर दिया।

दोस्ती और बाद में प्रेम
मूल रूप से बिहार की रहने वाली प्रेमा (परिवर्तित नाम) दिल्ली में अपने भाई व चाचा के साथ रहती थी। उसके और आरोपी के बीच पहले दोस्ती और बाद में प्रेम हो गया था। लड़की के परिजन इसके खिलाफ थे और लड़की को मारते-पीटते थे।

शादी करने के बाद आरोपी और प्रेमा 19 जनवरी को बिहार भाग गए और वहां चार माह तक पति-पत्नी की तरह रहे। लड़की के भाई की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया।

लड़की ने अपने बयान में कहा कि उसने आरोपी से शादी की है और उसके साथ ही रहना चाहती है। इस शादी से उन्हें एक संतान होने वाली है।

जज का फैसला

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने फैसले में कहा कि घटना के समय (जनवरी 2013) लड़की की उम्र 16 साल और तीन माह थी। वह बिना किसी दबाव के आरोपी के साथ गई थी। उसने अपनी मर्जी से ही शारीरिक संबंध बनाए। लड़की के परिवार ने उससे संबंध तोड़ लिया है। इसके मद्देनजर उसे अपने पति के साथ रहने की अनुमति मिलनी चाहिए।

अदालत ने आरोपी को रिहा करने के साथ ही लड़की को भी निर्मल छाया से छोड़ने का आदेश दिया। नाबालिग होने के कारण लड़की को निर्मल छाया में रखा गया था।
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