मासूम से दरिंदगी की दास्तां सुनकर नहीं रोक पाएंगे अपने आंसू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार की दोपहर नहर में नहाने गई आठ वर्षीय दलित छात्रा से दरिंदगी की गई। खून से लथपथ मासूम को इलाज के लिए मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक अधिक रक्तस्राव होने से उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उसके अंदरूनी हिस्से में गहरे जख्म हैं।
देर रात तक उसे चढ़ाने के लिए ब्लड की व्यवस्था नहीं हो सकी थी। परिवारवाले परेशान थे और मासूम जिंदगी के लिए जूझ रही थी। पीड़ित मासूम की मां की मौत पांच वर्ष पूर्व हो गई थी। पिता मेहनत मजदूरी करते हैं। मां की मौत के बाद ननिहाल में रहकर वह कक्षा दो में पढ़ती है।
पंद्रह दिन पूर्व ही वह ननिहाल से यहां अपने घर आई थी। शनिवार की दोपहर वह परिवार के कुछ बच्चों के साथ गांव के समीप एक नहर में नहाने गई। इसी दौरान वहशी दरिंदे ने उसे अपनी हवस का शिकार बना दिया। साथ नहाने गए बच्चे भागते हुए घर आए और परिवारीजनों को वाकये की जानकारी दी।
रक्तस्राव से बिगड़ी हालत, अंदरूनी हिस्से में गहरे जख्म
परिवारीजन जब नहर के पास पहुंचे तो खून से लथपथ छात्रा बदहवास पड़ी थी। कपड़े अस्त-व्यस्त थे। परिवारीजन उसे चोलापुर थाने लेकर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें पहले इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। वहां से हालत बिगड़ने पर देर शाम मासूम को मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा लाया गया। यहां इलाज के बावजूद रक्तस्राव बंद नहीं हो रहा था। छात्रा बेहोश पड़ी थी।
नहीं मिला बी निगेटिव ब्लड
कबीरचौरा तथा आईएमए के ब्लड बैंक में बी निगेटिव ब्लड नहीं होने के चलते छात्रा की हालत बिगड़ती चली गई। परिवारीजन बेहद गरीब हैं। इसलिए अन्य जगहों से भी देर रात तक ब्लड की व्यवस्था नहीं हो सकी।
छात्रा का समुचित इलाज पहली प्राथमिकता है। एसपीआरए को मौके पर भेजा गया है। मुकदमा दर्ज कर सख्त से सख्त कार्रवाई के लिए चोलापुर थानाध्यक्ष को कड़े निर्देश दिए गए हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है।
- जोगेंद्र कुमार, एसएसपी, वाराणसी