रेप की शिकार इस लड़की को क्यों नहीं मिल रहा इंसाफ?
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ढाई महीना पहले एक लड़की से बलात्कार होता है, बलात्कारी युवक को पकड़ने के लिए वह लड़की पुलिस से गुहार लगाती है। लेकिन पुलिस अभी तक सीमा विवाद में ही उलझी हुई है।
खाकी के इस रवैय्ये ने महिला अपराधों को लेकर संवेदनशील होने का दंभ भरने वाली सरकारों के चेहरे से नकाब सरका दिया है।
बलात्कार की शिकार इंटर की एक छात्रा ढाई महीने से इंसाफ को भटक रही है लेकिन पुलिस ने अभी तक तफ्तीश शुरू तक नहीं की। पुलिस सीमा विवाद में उलझी है। सीमा विवाद भी दो थानों के बीच नहीं बल्कि सूबों के दरमियान है।
ट्रेन से उतार कर किया था रेप
वहां उसने छात्रा के साथ जबरन बलात्कार किया गया और फिर उसे बेहोशी की हालत में छोड़कर आरोपी फरार हो गया।
छात्रा को स्थानीय लोगों ने रामनगर अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़िता की तहरीर पर नैनीताल जनपद की रामनगर थाना पुलिस ने बलात्कार का केस निल पर दर्ज किया और चिक डीजीपी उत्तराखंड को देहरादून भेज दी।
पीड़ीता के सामने रोज घूमता है आरोपी
उत्तराखंड के डीजीपी ने चिक यूपी के डीजीपी के पास लखनऊ भेजी और वहां से चिक को मुरादाबाद एसएसपी को भेज दिया गया।
एसएसपी मुरादाबाद ने कार्रवाई के आदेश के साथ चिक भगतपुर भेजी, लेकिन यहां भी ठाकुरद्वारा और भगतपुर में सीमा विवाद हुआ।
बाद में भगतपुर पुलिस ने निल पर कटी इस चिक को तीन मार्च 2014 को अपराध संख्या पर दर्ज तो कर लिया लेकिन तफ्तीश आगे नहीं बढ़ी। भगतपुर पुलिस अब इस घटना को ट्रेन में घटा बताकर चिक को डीजी रेलवे पुलिस को रवाना कर रही है।
इस बीच पीड़िता ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने केस का स्टेटस पूछा है और इंसाफ की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि आरोपी हर रोज उसकी नजरों के सामने से खुलेआम निकलता है।