हिजाब ने बचा ली रेप पेड़िता की जान, झेल गई पत्थर के 18 वार
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तारीख 5 मार्च 2014, यॉर्कशायर का लीड्स इलाका। शाम ढलने के साथ ही अंधेरा हो चुका था। दूर-दूर तक सन्नाटा फैला हुआ था और सड़क से फर्राटे भरती तेज रफ्तार गाड़ियां गुजरती जा रही थीं। तभी लीड्स के उस सुनसान बस स्टॉप पर एक 18 वर्षीय युवती पहुंची और घर जाने के लिए बस का इंतजार करने लगी।
उसी दरमियान बस स्टॉप के दूसरी तरफ से एक शख्स हुड वाली कमीज पहनकर गुजरा। और जैसे ही उसकी नजर बस स्टॉप पर खड़ी युवती पर पड़ी, उसकी नीयत डोल गई।
उस 21 वर्षीय डेन्को टरटैक के जिस्म पर हवस की आग इस कदर हावी हुई कि उसने नापाक वारदात को अंजाम दे डाला। वहशत की हदों को पार करते हुए पहले उसने युवती का रेप किया और फिर पत्थर से उसके सिर पर ताबड़तोड़ हमले करना शुरू कर दिया।
हिजाब की वजह से युवती झेल गई पत्थरों के वार
दरिंदे ने युवती के सिर पर पत्थर से करीब 18 वार किए। पुलिस की मानें तो लड़की ने हिजाब पहना हुआ था। हिजाब की वजह से लड़की पत्थर की चोटों को झेल गई। हिजाब एक तरह का स्कार्फ होता है जिसे मुस्लिम लड़कियां सिर पर पहनती हैं।
लड़की की जान बच गई लेकिन इंग्लैंड के यॉकशायर के लीड्स इलाके में हुई इस वारदात ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी।
पुलिसिया महकमे ने मामले को चुनौतीपूर्ण ढंग से लेते हुए सौ पुलिस अधिकारियों की टीम को तैयार किया और आरोपी को पकड़ने के लिए इस टीम ने पूरे इलाके को छान मारा।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपी को धर-धबोचा। इस अभियान में सीसीटीवी से मिले फुटेज और लड़की के हिजाब के सैंपल के आधार पर पुलिस अपनी कोशिशों में सफल हुई। आरोपी डेन्को टरटैक ने भी पुलिसिया पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया।
आरोपी टरटैक के मुताबिक उसने लड़की का रेप करने की कोशिश करते हुए उस पर पत्थर से हमला किया। लेकिन वो उसे जान से नहीं मारना चाहता था। सुनवाई के दौरान टरटैक को कोर्ट में पेश नहीं किया गया, टरटैक पुलिस कस्टडी में रहा। टरटैक को आगामी 19 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी।
सोर्स-डेलीमेल