रेप पीडिता ने आरोपियों के खिलाफ दी शिकायत तो फांसी पर लटकाया
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उत्तर प्रदेश के अल्हागंज (शाहजहांपुर) में अपने घर में सो रही 26 वर्षीय विवाहिता को उठाकर गांव से पांच सौ मीटर दूर एक खंडहर में ले जाया गया और एक पेड़ पर उसी की साड़ी का फंदा बनाकर फांसी पर लटका दिया गया।
सुबह पेड़ पर उसकी अर्द्धनग्न लाश पेड़ पर लटकती मिली तो गांव में सनसनी फैल गई। महिला की ओर से तीन दिन पहले ही गांव के यादव परिवारों के चार लोगों पर दुराचार का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराने के लिए अदालत में अर्जी दी थी जिस पर अदालत ने उसका बयान दर्ज करने के लिए 13 सितंबर की तारीख मुकर्रर कर रखी थी।
हालांकि विवाहिता के मायके वालों ने ससुराल वालों के खिलाफ दहेज हत्या की तहरीर दी है। पुलिस ने इस पर एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस ने की लीपोती की कोशिश
बुधवार रात यह घटना गांव रामपुर में हुई। धीरेंद्र राठौर की 26 वर्षीय पत्नी गीता की अर्द्धनग्न लाश गांव से पांच सौ मीटर दूर गांव के ही अनूप के खंडहर हो चुके मकान में बकैना के पेड़ पर लटकती देखकर लोग सन्न रह गए।
गीता के ससुर धनीराम के मुताबिक बुधवार रात परिवार के सभी लोग खाना खाकर सो गए थे। भोर के समय उसने गीता की नौ महीने की बच्ची के रोने की आवाज सुनी तो धीरेंद्र को आवाज लगाई। धीरेंद्र यह कहते हुए नहीं उठा कि गीता शौच के लिए गई होगी, खुद ही लौटकर बच्ची को चुप कराएगी।
लेकिन बच्ची के काफी देर रोते रहने के बाद भी गीता नहीं लौटी तो उसने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। दिन निकलने पर गांव के कुछ लोगों ने बताया कि गीता की लाश खंडहर में लटकी हुई है।
गीता के पति धीरेंद्र और ससुर धनीराम ने बताया कि एक सितंबर को गांव के ही चार युवकों ने गीता के साथ दुराचार किया था। पुलिस ने शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की तो सात सितंबर को गीता की ओर से मुकदमा दर्ज कराने के लिए अदालत में अर्जी दी गई।
अदालत ने थाने को रिपोर्ट दाखिल करने और गीता के बयान दर्ज करने के लिए 13 सितंबर की तारीख लगाई थी। उन्होंने बताया कि आरोपियों की ओर से एक सप्ताह पहले उन्हें एक पत्र भी मिला था जिसमें कहा गया था कि अपनी बहू को हमारे हवाले कर दो वर्ना उसे जबरन उठा लेंगे।
धीरेंद्र और धनीराम का कहना है कि उन्होंने इन्हीं आरोपियों के खिलाफ पुलिस को गीता के साथ रेप और उसकी हत्या की तहरीर दी है, हालांकि पुलिस उनके तहरीर दिए जाने की बात से इन्कार कर रही है।
घसीटकर ले जाया गया गीता को?
बकैना के पेड़ से लटकी गीता के शरीर पर ब्लाउज और पेटीकोट था। जमीन से उसके पैर करीब सवा फुट की ऊंचाई पर लटक रहे थे। होंठ के साथ दाहिने और बाएं गाल पर खरोंच के निशान थे। कानो में कुंडल और पैरों में पायल थीं।
मुंह पर भी खरोंच के निशान थे। पैर के बिछुवों में सुखी घास फंसी थी जो उसे घसीटकर लाए जाने की ओर इशारा कर रही थी। घटनास्थल पर गीता की आसमानी रंग की दो चप्पल 15 फीट से भी अधिक दूरी पर अलग-अलग पड़ी हुई थीं।
पुलिस ने बताया कि गीता के सांडी (हरदोई) के गांव बमटापुर चिल्लौर निवासी पिता रामाधार और चाचा रामस्वरूप ने तहरीर देकर धीरेंद्र के खिलाफ दहेज के लिए गीता की हत्या करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि महीने भर पहले ही उन्होंने धीरेंद्र को 14 हजार रुपये दिए थे।
रक्षाबंधन पर वह गीता के साथ आया था लेकिन लौटते समय अपने पांच वर्षीय बेटे अमन को ननिहाल में छोड़ आया था। बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे धीरेंद्र ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि किसी ने गोली मारकर गीता की हत्या कर दी। तब वे गांव रामपुर गांव पहुंचे। पुलिस ने गीता के पिता की तहरीर पर धीरेंद्र के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।