फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Crime Archives ›   ranchi fast track court awarded death sentence for rapist

रेप के बाद बच्ची का किया था कत्ल, फांसी

Sun, 06 Oct 2013 02:32 PM IST
नीरज सिन्हा/राँची से बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए
नीरज सिन्हा/राँची से बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए Updated Sun, 06 Oct 2013 02:32 PM IST
विज्ञापन
ranchi fast track court awarded death sentence for rapist

रांची की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 11 वर्षीय एक नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी पाए गए एक अभियुक्त को फांसी की सज़ा सुनाई है।

विज्ञापन


तीन अक्टूबर को अदालत ने ये सज़ा सुनाई थी, पर अगले दिन अदालत में अवकाश होने के चलते शनिवार को इस फैसले का पता चला।

अभियुक्त विशेष महतो उर्फ़ हेना अभी जेल में है।

त्वरित अदालत में सरकारी वकील ममता श्रीवास्तव का कहना था, "अपर न्यायायुक्त सीमा सिन्हा ने अभियुक्त को यह सज़ा सुनाई है। उन्हें पिछले 30 सितंबर को दोषी ठहराया गया था।"
विज्ञापन


भारतीय दंड विधान की धारा 376 के तहत महतो को आजीवन कारावास, 302 के तहत मृत्युदंड और 201 में साक्ष्य छुपाने के लिए सात साल की सज़ा सुनाई गई है।

मामला

यह मामला झारखंड की राजधानी रांची से करीब 40 किलोमीटर दूर बेड़ो थाना क्षेत्र के चनकोपी गाँव का है।

आठ मई 2008 को अभियुक्त ने दुष्कर्म के बाद बच्ची की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को एक कुएं में फेंक दिया था।

दो दिन बाद 10 मई, 2008 को बच्ची का शव बरामद किया गया था।

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने महतो को गिरफ़्तार कर लिया था। महतो पास के ही एक गाँव कमल टोली के रहने वाले हैं।

सरकारी वकील ने बताया कि पुलिस में दर्ज एफ़आईआर के मुताबिक घटना के दिन दोपहर बाद बच्ची गांव में पास के एक बगीचे में आम चुनने गई थी।

अभियुक्त ने अकेले देखकर बच्ची से बलात्कार किया और हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया।

सरकारी वकील के मुताबिक़ इस मामले में 21 जनवरी 2009 को आरोप तय किए गए।

इस मामले में पीड़िता की तरफ से 14 लोगों ने गवाही दी और बचाव पक्ष की ओर से अभियुक्त की पत्नी ने गवाही दी थी।

उसने अपने पति को निर्दोष बताया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पीड़ित पक्ष की तरफ से गवाहों के बयान पर ग़ौर करने के बाद फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।

महिलाओं के विरूद्ध अपराध के मामलों में त्वरित सुनवाई के लिए पाँच जनवरी 2013 को रांची में यह न्यायालय बनाया गया है।

सरकारी वकील का कहना है कि झारखंड में फास्ट ट्रैक कोर्ट में किसी अभियुक्त को मृत्युदंड की सजा सुनाये जाने का यह पहला मामला है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed