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वाराणसी: डिप्टी जेलर की हत्या का खुलासा

Thu, 08 May 2014 08:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 08 May 2014 08:21 AM IST
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ramesh kaka murdered deputy jailor

वाराणसी जिला जेल के डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की हत्या बलिया जेल में बंद रमेश सिंह उर्फ काका ने अपने गुर्गों के साथ की थी। वारदात के बाद उसने एक पुराने मामले में मऊ में समर्पण कर दिया था। पुलिस ने बुधवार को एक सभासद समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर इस मामले का खुलासा किया।

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आरोपियों के पास से एक पिस्टल, एक हैंड ग्रेनेड और दो बाइक बरामद की गई है। कैंट पुलिस ने गिरफ्तार पांचों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उदयभान सिंह की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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मेरठ के रहने वाले अनिल त्यागी वाराणसी की जिला जेल में तैनात थे। 23 नंवबर 2013 की सुबह दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के पास जिम के सामने ही बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार उनकी हत्या कर दी थी। तत्कालीन इंस्पेक्टर कैंट अनिरुद्ध सिंह को इस मामले में सस्पेंड कर दिया गया था।
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काका ने दी थी डिप्टी जेलर को धमकी

ramesh kaka murdered deputy jailor

एसपी सिटी राहुल राज ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि डिप्टी जेलर ने जिला जेल में काका को पीटा था। उसी समय काका ने डिप्टी जेलर को बदला लेने की धमकी भी दी थी। इंस्पेक्टर कैंट विपिन राय को मंगलवार की रात सूचना मिली कि टकटकपुर गैस गोदाम के पास हथियार के साथ कुछ बदमाश जुटे हुए हैं।

पुलिस ने वहां घेराबंदी कर कोतवाली थाना क्षेत्र के राज मंदिर निवासी सुजीत सिंह, भैरोनाथ निवासी सतीश गुप्ता, लहरतारा निवासी विनय कुमार सिंह, कोतवाली के लालघाट निवासी सभासद अजीत सिंह एवं गाजीपुर के भुड़कुड़ा निवासी अजय सिंह उर्फ आनंद सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि ये बदमाश डिप्टी जेलर अनिल त्यागी हत्याकांड में शामिल थे। रमेश सिंह काका, अजय और सुजीत सिंह ने त्यागी को गोली मारी थी।

बाकी करीब सात बदमाश पांडेयपुर से लेकर दीनदयाल अस्पताल के बीच मौजूद थे। वारदात के बाद सभी बदमाश पार्वती नगर कालोनी होते हुए पांडेयपुर और वहां से चौबेपुर होते हुए औड़िहार भाग गए। पुलिस के मुताबिक मामले में सात और बदमाशों की तलाश की जा रही है। काका पर आजमगढ़ के जेलर की हत्या का भी आरोप है। मऊ निवासी काका के खिलाफ 55 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

सिर्फ एक दिन इस्तेमाल किए नए मोबाइल और सिम

ramesh kaka murdered deputy jailor

काका ने जेल में रहते ही डिप्टी जेलर को धमकी दी थी कि बेटी की शादी करने के बाद वह बदला लेगा। जेल से छूटने के बाद उसने लोहता में अपनी बेटी की शादी की। इसके बाद अपने गुर्गों के साथ हत्या की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक घटना में मुख्य रूप से शामिल पांच लोगों को एक-एक नया मोबाइल और सिम दिया गया। इनका इस्तेमाल सिर्फ घटना वाले दिन किया गया।

सोनू और आनंद घटना के दिन जिला जेल के पास मौजूद थे। अनिल त्यागी के घर से निकलते ही आनंद ने काका को फोन कर कहा ‘सामान तैयार है खरीदारी होगी’। काका ने जवाब दिया ‘होगी’। त्यागी की कार का पीछा करते बदमाश जिम तक पहुंच गए।

पहले आनंद और सोनू ने ही कार के पास पहुंचकर त्यागी पर गोली चलानी शुरू की। फिर सड़क के दूसरी तरफ मौजूद काका ने भी घटनास्थल पर पहुंच त्यागी पर गोली चलाई। घटनास्थल पर तीन बाइक पर छह बदमाश मौजूद थे। सभासद अजीत सिंह और विनय कुमार सिंह ने घटना के बाद चौबेपुर में बदमाशों को शरण दी थी।

अनसुलझे सवाल

ramesh kaka murdered deputy jailor

- एसटीएफ एवं क्राइम ब्रांच जिस डिप्टी जेलर अनिल त्यागी हत्याकांड का खुलासा छह माह में नहीं कर पाई, उसका एक झटके में पुलिस ने खुलासा कैसे कर दिया।
- जेल में रमेश सिंह उर्फ काका की पिटाई कई जेल अफसरों की मौजूदगी में हुई तो हत्या अनिल त्यागी की ही क्यों।
- हत्या के बाद सपा नेता और रमेश काका सहित कई नाम सामने आए थे। उस दौरान रमेश काका जेल से बाहर भी था तो गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।
- जेल में अनिल त्यागी गल्ला गोदाम एवं मुलाकात प्रभारी थे। जबकि केके दीक्षित के पास बैरक का प्रभार था। ऐसे में काका के टारगेट पर अनिल ही क्यों आए।
- छह माह बाद चुनाव के दौरान ही कैसे शूटरों के बारे में पुलिस के हाथ लगे सुराग।
- रमेश काका वर्ष 2012 में ही जेल से रिहा हो गया था तो उसने नवंबर 2013 में घटना को अंजाम क्यों दिया।

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