ये खूनी कहानी आपको दहला देगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अलीगढ़ महानगर के मैलरोज बाईपास स्थित केवल विहार कॉलोनी में शनिवार दोपहर रिटायर्ड फौजी ने खूनी खेल खेलते हुए पत्नी-बेटा सहित तीन को मौत के घाट उतार दिया। इस दौरान बेटी को भी मारने का प्रयास किया। मगर वह दो गोलियां लगने से जख्मी हो गई। उमस भरी दोपहरी में ताबड़तोड़ फायरिंग और चीख-पुकार पर हरकत में आए पड़ोसियों ने जान पर खेलकर बेटी के पीछे भागते फौजी को दबोचा और उसके हाथ से रिवाल्वर छीन ली। ट्रिपल मर्डर की खबर पर डीआईजी सहित पूरा अमला मौके पर पहुंच गया और फौरी कार्रवाई कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।
मूल रूप से बुलंदशहर के झाझर रोड स्थित गांव हरतौली निवासी मनोज कुमार रिटायर्ड फौजी है और मेरठ में बतौर सिक्योरिटी गार्ड जॉब करता है। उसका परिवार केवल विहार में अपने बहनोई के घर में किराये पर रहता है। तीन दिन पहले मनोज छुट्टी लेकर घर आया था। इस मकान में प्रॉपर्टी डीलर केपी सिंह भी परिवार सहित किराये पर रहते हैं। शनिवार दोपहर सभी घरों में सोये थे, तभी अचानक मनोज के घर से चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं। पहले लोगों ने घरेलू कलह समझी।
ताबड़तोड़ फायरिंग कर की हत्या
मगर जब ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज सुनाई दी तो लोग हरकत में आए। तब तक मनोज अपनी पत्नी सीमा (35) व बेटे मानवेंद्र (5) की कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर चुका था। इसी बीच बेटी उस्मिता (12) कमरे में से चीखती हुई बाहर निकली, तो पड़ोसी किरायेदार केपी सिंह की पत्नी शशीबाला (32) अपने दूधमुंहे बच्चे को दूध पिलाना छोड़कर बाहर निकली और मनोज के कमरे में झांका तो उसने मनोज को टोका।
इसी बीच मनोज ने शशीबाला को भी कनपटी पर गोली मारकर ढेर कर दिया। जब तक बेटी उस्मिता की चीख सुन मोहल्ले के लोग एकत्रित हो चुके थे, मगर मनोज बेटी को भी जबड़े व गर्दन में दो गोलियां मार चुका था। बाद में पब्लिक ने मनोज को जैसे-तैसे दबोच लिया और हाथ से लाइसेंसी रिवाल्वर व कमरे में रखी लाइसेंसी रायफल कब्जे में ले ली।
सूचना पर डीआईजी सत्येंद्रवीर सिंह, एसपी सिटी पंकज पांडेय, एसओ बन्नादेवी रवि त्यागी सहित शहर के सभी एसओ पहुंच गए। फील्ड यूनिट को भी साक्ष्य संकलन के लिए बुला लिया गया। आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। बाद में सूचना पर रोते बिलखते सीमा के मायके पक्ष के लोग आ गए, जिनकी तरफ से मुकदमे की तैयारी चल रही थी।
‘प्यार’ की हकीकत बयां कर रहे फुटेज
बेशक गुस्से में फौजी ने पल भर में अपने साथ-साथ अपने पड़ोसी का परिवार उजाड़ दिया। मगर वह अपने बीवी-बच्चों को बेहद प्यार करता था। यही वजह है कि यह कहानी किसी ‘साइको किलर’ की कहानी से कम नजर नहीं आ रही।
पारिवारिक चर्चा और खुद फौजी द्वारा सुनाई गई कहानी पर गौर करें तो अपनी बीवी-बेटे को गोली मारने से पहले उसने खुद को बाथरूम में बंद कर रिवाल्वर से मौत के घाट उतारने का प्रयास किया। हालांकि पत्नी ने किसी तरह उसे बचाया। मगर पत्नी को क्या पता था, जिसे वह बचा रही है, वही उसकी जान ले लेगा। कुछ ऐसा ही यहां हुआ।
पुलिस को तलाशी के दौरान मनोज फौजी के कमरे से कुछ ऐसे फोटो मिले हैं, जो वास्तव में बयां कर रहे हैं कि मनोज परिवार के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहा था। इन्हीं गरमी मई-जून की छुट्टियों में मनोज अपनी पत्नी, बेटी, बेटा व मां-बाप को पहाड़ी इलाकों पर धार्मिक यात्रा कराकर लाया था।
इसमें वैष्णो देवी यात्रा भी शामिल रही है। इसके अलावा बेटे से उसे बेहद लगाव था। बेटे को हथियार आदि चलाना सिखाना उसकी प्राथमिकता में था, ताकि बड़ा होकर उसका बेटा भी उसकी तरह फौजी बन सके। मगर एक विशेष प्रकार की बीमारी ने सब कुछ बिगाड़ कर रख दिया।
फौजी ने स्वीकारी पूरी कहानी
पुलिस पूछताछ व पड़ताल में स्पष्ट हुआ है कि फौजी व उसके परिवार के कुछ अन्य सदस्यों को एक ऐसी बीमारी है, जिसमें वह दहशत में जीते हैं। उन्हें लगता है कि उन पर या उनके परिवार पर आने वाले समय में कोई खतरा आने वाला है। इसी खतरे की दहशत में पिछले कई माह से मनोज जी रहा था। मनोज ने इस घटना के बाद स्वीकारा है कि उसकी पत्नी जिद करती थी कि वह डिप्रेशन में हैं, इसका इलाज क्यों नहीं करा लेते। मगर वह टाल देता था।
तीन दिन पहले भी वह छुट्टी लेकर आया तो डिप्रेशन में था और पत्नी से कह रहा था कि जिस कंपनी में वह जॉब करता है, वहां उसे किसी साजिश में फंसाया जा सकता है। इस पर पत्नी उस पर दवा लेने या इलाज कराने का दबाव बना रही थी। वह पत्नी को गलत मान रहा था, इसी बात पर घर में कलह शुरू हो गई। शनिवार को घटना से पहले भी काफी चिक-चिक हुई। जब बात बढ़ गई तो वह डिप्रेशन में अपनी रिवाल्वर लेकर बाथरूम में सुसाइड के इरादे से घुस गया। मगर पत्नी पीछे-पीछे चली और उसे जबरन बाथरूम से निकाल लाई।
इसके बाद कमरे में आकर पत्नी ने ज्यादा कहासुनी की तो गुस्से में उसने यह सोचकर पत्नी को निशाना बनाया कि इन सबको मार दूं, क्योंकि मेरे बाद इनका कौन है। फिर खुद मर जाऊंगा। पहली गोली से पत्नी बच गई और दूसरी गोली उसकी कनपटी में जा धंसी और बैड पर ही ढेर हो गई। इसी बीच बेटा चीखा तो बैड के बराबर खड़े बेटे को भी मार दिया। बाद में बच्ची चीखती हुई दरवाजा खोलकर बाहर निकली तो दरवाजे पर पड़ोसन दिखाई दे गई और उसे भी मार दिया। बाद में बेटी को भी गोली मारी। इसके बाद खुद को मारने का प्रयास किया। मगर पब्लिक ने दबोच लिया।
बेटी ने स्वीकारी बाप की दहशत की कहानी
जेएन मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत से जूझ रही बेटी उस्मिता ने भी अपने बयानों में यह बात स्वीकारी है कि पापा एक ऐसी दहशत में रहते थे, जिसमें उन्हें यह लगता था कि कोई उनका पीछा कर रहा है। मां, इसका इलाज कराने की कहती थीं तो पापा उन्हें पीटते थे।
बढ़ रहे इस तरह के मरीज
मेडिकल साइंस से जुड़े जानकार बताते हैं कि इस तरह के मरीजों की संख्या यकायक बढ़ रही है। यह मरीज एक विशेष प्रकार के डिप्रेशन में रहते हैं जो कहते हैं कि उन्हें किसी से जान का खतरा है, उनके परिवार को भी खतरा है। मगर वह बेवजह इस डिप्रेशन का शिकार रहते हैं। जब उन्हें कोई समझाने की कोशिश करता है तो वह उस पर गुस्से में हमलावर होते हैं या उल जलूल कहते हैं।
पहले सुनाई यह उलझी कहानी
पब्लिक ने जब मनोज को दबोच लिया और पुलिस के आने से पहले पूछा कि आखिर ऐसा क्यों किया तो उसने एक बात बताई कि नौकरी में कुछ झंझट चल रहा है। वहां उसके पीछे कुछ लोग लगे हैं जो किसी झूठे केस में फंसाने या मारने की साजिश रच रहे हैं। यहां आने पर बच्चों व बीवी आदि को देखकर यही लगा कि अगर उसे फंसा दिया गया तो बीवी-बच्चों का क्या होगा। ऐसे में उसने सोचा कि क्यों न उन्हें मार दिया जाए। मगर उसकी यह कहानी गले नहीं उतरी।
साले ने दर्ज कराया मुकदमा..15 कारतूस मिले
पुलिस के अनुसार इस घटना के संबंध में मृत सीमा के भाई दिलीप पुत्र विजयपाल निवासी बरौठ छजमल हाल निवासी गुरुरामदास नगर कॉलोनी ने मनोज निवासी हरतौली थाना कोतवाली देहात बुलंदशहर को नामजद करते हुए धारा 302, 307 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें उल्लेख है कि वह अक्सर सीमा को पीटता था। कई बार समझाया गया, मगर बात नहीं बनी और शनिवार को सीमा, मानवेंद्र व बचाने आई शशीबाला को मार दिया, जबकि उस्मिता घायल है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर देर रात पोस्टमार्टम कराना शुरू कर दिया। मौके से मिले 15 जिंदा-मुर्दा कारतूस, रायफल, रिवाल्वर, मोबाइल आदि सील कर दिए हैं।