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सरियों से पीटकर सिपाही की हत्या, शव नाले में फेंका

Thu, 06 Nov 2014 12:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कोसीकलां (मथुरा)
ब्यूरो/अमर उजाला, कोसीकलां (मथुरा) Updated Thu, 06 Nov 2014 12:45 AM IST
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policeman murdered in kosi kalan.

यूपी के कोसीकलां में कोटवन पुलिस चौकी पर तैनात एक सिपाही सतीश चंद्र यादव की बुधवार सुबह सरियों से पीटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद बदमाश उनके शव को कोटवन औद्योगिक क्षेत्र के नाले में फेंक गए। घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। डीआईजी, एसएसपी मौके पर पहुंच गईं। साथी पुलिस कर्मियों के  बयान और एफआईआर में विरोधाभास देख परिवारीजनों ने दोपहर बाद मथुरा में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जाम लगा दिया। घटना में शराब माफियाओं का हाथ होने की संभावनाएं जताई जा रही है।

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सतीश चंद्र यादव पुत्र भगत सिंह मूल रूप से गांव टीकरी, थाना नगला सिंघी फीरोजाबाद के रहने वाले थे। 1991 में वह पुलिस में भर्ती हुए थे और इस समय उनकी तैनाती कोटवन पुलिस चौकी पर थी। वह करीब 5:45 बजे चाय पीने के लिए औद्योगिक क्षेत्र में एक दुकान पर गए थे। आधे घंटे बाद ही लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर औद्योगिक क्षेत्र कोटवन नाले में उनकी लाश पड़ी मिली। पास में स्थित सनत एग्रो फैक्ट्री के चौकीदार योगेश ने बताया कि वह सुबह शौच के लिए जा रहे थे, तभी कुछ लोगों को एक सफेद गाड़ी में से शव फेंककर भागते हुए देखा।
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मौके पर शराब की बोतल पड़ी थी और सड़क पर भी शराब फैली हुई थी। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने शव को नाले से निकलवाकर लाइफ लाइन हास्पिटल पहुंचा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने नाले में छानबीन कराई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि छानबीन के दौरान नाले में पड़ा एक लिफाफा फट गया और उससे कुछ पांच पांच सौ के नोट निकलकर पानी के ऊपर तैरने लगे। हालांकि पुलिस इस तरह से नोट मिलने से साफ इनकार कर रही है।

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परिवारीजनों ने किया बवाल

policeman murdered in kosi kalan.

मौके पर पहुंची एसएसपी मंजिल सैनी और डीआइजी लक्ष्मी सिंह ने कोटवन चौकी के सिपाहियों से पूछताछ की ‘कही रात में कोई झगड़ा तो किसी से नही हुआ’। सिपाहियों ने इससे इनकार किया।

पुलिस कार्रवाई से गुस्साए परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर शाम चार बजे जाम लगा दिया। इनका कहना था कि उन्हें बताया गया सतीश की ड्यूटी चौकी पर निगरानी में थी। बुधवार सुबह एक मैक्स गाड़ी बैरियर तोड़कर भागने लगी। सतीश ने शोर मचाते हुए अन्य लोगों को जगाया और स्वयं बाइक लेकर मैक्स के पीछे चले गए। बाद में उनका शव मिला। जबकि एफआईआर में उसके चाय पीने के लिए जाने की बात कही गई। उन्हें बताया गया कि जिस समय सतीश नाले में मिला, उसकी सांसे चल रही थी। उपचार के लिए ले जाने में भी देरी करने का आरोप वह लगा रहे थे।

एसएसपी ने बताया कि सतीश के परिवारीजन एफआईआर से संतुष्ट नहीं थे। इसके चलते उन्होंने जाम लगाया। परिवारीजनों के अनुसार एफआईआर में बदलाव किया जा रहा है। किसी लोहे की राड या सरिये से सिर पर चोट पहुंचाकर उसकी हत्या की गई है। अज्ञात में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच भी आरंभ कर दी है।

डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने कहा कि सिपाही की हत्या रहस्यमय तरीके से हुई है। उसे सुबह छह बजे तक ड्यूटी पर होना चाहिए था। उसकी लाश भी कोटवन चौकी से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर मिली है। जांच में इसे भी देखा जा रहा है।

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