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डीजे बंद कराने गए पुलिसवालों पर हमला, एक की मौत, हत्यारे फरार

Fri, 19 Feb 2016 12:21 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बदायूं
ब्यूरो/ अमर उजाला, बदायूं Updated Fri, 19 Feb 2016 12:21 PM IST
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Policeman killed as family attacks cops for stopping music in UP

बदायूं के बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव गढ़ौली में दो सिपाहियों पर कुल्हाड़ी और फावड़े से जानलेवा हमला करने वाले परिवार का कोई भी सदस्य अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लग पाया है। इस हमले में घायल सिपाहियों में से एक की तो बुधवार रात ही मौत हो गई थी। दूसरे सिपाही की भी हालत काफी नाजुक है और वह श्री राममूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज (एसआरएमएस) में मौत से जूझ रहा है। उसे तीन डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है।

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उधर, आईजी के निर्देश पर हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं जो उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।

गढ़ौली में रहने वाला जगतपाल शाक्य बुधवार रात अपने घर पर तेज आवाज में डीजे बजा रहा था। पड़ोसियों की शिकायत पर रिसौली पुलिस चौकी के सिपाही भीमसेन और शहीम खां डीजे बंद कराने पहुंचे तो जगतपाल, उसकी पत्नी और बेटियों ने उन पर कुल्हाड़ी और फावड़े से हमला कर दिया। दोनों सिपाहियों को बुरी तरह लहूलुहान करने के बाद उन्हें घर में ही पड़ा छोड़कर पूरा परिवार फरार हो गया था।
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घायल सिपाहियों को पहले बदायूं के जिला अस्पताल ले जाया गया जहां से बरेली रेफर किया गया, शहीम की रात में ही मौत हो गई। पुलिस ने जगतपाल, उसकी पत्नी कांता, दो बेटियों और एक बेटे के खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, बलवा आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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दूसरे सिपाही की हालत नाजुक

Policeman killed as family attacks cops for stopping music in UP

एसआरएमएस में भर्ती दूसरे सिपाही भीमसेन की हालत भी नाजुक है। सिर में गंभीर चोटें होने की वजह से डॉक्टर उसकी हालत खतरे से बाहर नहीं बता रहे हैं। बृहस्पतिवार सुबह एसआरएमएस पहुंचे अफसरों ने मृतक सिपाही शहीम के परिवार वालों को ढांढस बंधाया। उन्होंने घायल भीमसेन के इलाज के संबंध में भी अस्पताल के प्रबंधतंत्र से बात की। डीआईजी आशुतोष कुमार ने घटना स्थल का मुआयना करके एसएसपी बदायूं को जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी कराने के आदेश दिए।

आईजी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बदायूं के एसपी देहात, क्राइम ब्रांच और बिल्सी थानाध्यक्ष के नेतृत्व में तीन टीमें बनाई हैं जो आरोपी जगतपाल शाक्य और उसके परिवार की तलाश में जुटी हुई हैं। जगतपाल के रिश्तेदारों के यहां दबिश दी जा रही है।

मृतक सिपाही शहीम मूल रूप से लखीमपुर के पसगवां थाना क्षेत्र के गांव मकसूदपुर के रहने वाले थे। उनका परिवार शाहजहांपुर में रहता है। बृहस्पतिवार शाम शाहजहांपुर में ही उनकी अंत्येष्टि की गई। इससे पहले सुबह बरेली पुलिस लाइंस में उन्हें उच्चाधिकारियों ने अंतिम सलामी दी।

क्या है पूरा मामला?

Policeman killed as family attacks cops for stopping music in UP

बिल्सी थाने के गांव गड़ौली का जगतपाल शाक्य बुधवार रात अपने घर में तेज आवाज में डीजे बजा रहा था। गांव के लोगों ने गुरुवार से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा का हवाला देते हुए थाना पुलिस से शिकायत की थी।

रात में ही बिल्सी थाने की रिसौली चौकी पर तैनात सिपाही शहीम खान और भीमसेन को गड़ौली भेजा गया। दोनों सिपाही जगतपाल के घर पहुंचे। इन्होंने डीजे बंद करने को कहा। सिपाही कुछ समझ पाते इससे पहले जगतपाल ने अपनी पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे के साथ मिलकर दोनों को घर में खींच लिया।

दोनों सिपाहियों की रायफलें छीन लीं। बाद में कुल्हाड़ी और फावड़े से इन पर ताबड़तोड़ प्रहार किए थे। वारदात को अंजाम देकर जगतपाल परिवार के साथ घर से निकल गया था। करीब आधा घंटा तक दोनों घायल सिपाही वहीं पड़े तड़पते रहे। बाद में गांव वालों की खबर पर पहुंचे एसओ बिल्सी नरेंद्र सिंह ने इनको अस्पताल भेजा।

यहां से दोनों को बरेली रेफर कर दिया गया। देर रात शहीम खान ने बरेली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था।

आपराधिक पृष्ठभूमि का है हमलावर

Policeman killed as family attacks cops for stopping music in UP

चश्मदीदों के मुताबिक सिपाही की हत्या करने वाले जगतपाल के सिरफिरेपन का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह सामने वाले को सोचने तक का मौका तक नहीं देता था। सिपाही भीमसेन और शहीम खान के साथ भी यही हुआ। इससे पहले वह कुछ समझ पाते जगतपाल ने अपने परिवार के साथ मिलकर दोनों को घर में खींच लिया और रायफलें छीनने के बाद कातिलाना हमला कर दिया।

गांव वालों के मुताबिक जगतपाल किसी से कोई सरोकार नहीं रखता था। न तो किसी के घर जाता था और न किसी को अपने घर बुलाता था। डीजे का उसे शौक था। इसके लिए उसने एक ट्रक का बैट्रा भी खरीद रखा था। बिजली न आने पर वह बैट्रा से डीजे बजाता था।

गड़ौली के पूर्व प्रधान श्रीकृष्ण शाक्य की मानें तो पूरा गांव जगतपाल की दबंगई से परेशान था। अक्सर वह लोगों से मारपीट करता था। कई पड़ोसियों ने तो जगतपाल के डर से अपना घर भी छोड़ दिया था।

ग्राम प्रधान मुन्ना सिंह चौहान की मानें तो जगतपाल कभी अपने परिवार से अलग नहीं होता था। वह अगर कहीं जाता भी था तो अपनी पत्नी और बच्चों को साथ ले जाया करता था। उसके सिरफिरे स्वभाव की वजह से गांव के लोग उससे सरोकार नहीं रखते थे।

जगतपाल के घर में मेन गेट पर दरवाजा नहीं था। यहां उसने लोहे के तार बांध रखे थे। इन तारों में वह करंट छोड़ देता था। कई बार गांव के लोगों को करंट लग भी चुका है। उसके डर की वजह से कोई विरोध नहीं करता था। डीआईजी के सामने जब गांव के लोगों ने यह बात बताई तो डीआईजी आशुतोष कुमार भी दंग रह गए।

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