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महिला सुरक्षा का कड़वा सच, भरोसेमंद नहीं यूपी पुलिस

Sat, 13 Dec 2014 01:27 PM IST
Updated Sat, 13 Dec 2014 01:27 PM IST
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police failed on woman security in uttar pradesh

उत्तर प्रदेश के शहरों में अमर उजाला के लिए देश की प्रतिष्ठित सर्वे एजेंसी हंसा रिसर्च ने जो सर्वे किया, उसके आंकड़े कहते हैं कि महिलाओं की सुरक्षा के मामले में सूबे की आधी जनता को पुलिस पर भरोसा नहीं है।

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चिंता की बात तो यह है कि राजधानी लखनऊ में भी आधे से अधिक यानी 59 फीसदी लोग पुलिस पर कतई भरोसा नहीं करते। सबसे बुरी स्थिति संगम नगरी इलाहाबाद की है, जहां 70 फीसदी लोग पुलिस को भरोसा करने योग्य नहीं मानते।
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जिन 11 शहरों में सर्वे हुआ, उसके सम्मिलित आंकड़ों के हिसाब से 48 प्रतिशत लोग पुलिस पर बिल्कुल भरोसा नहीं करते। 32 प्रतिशत ऐसे हैं जिनकी राय मिली-जुली है, जबकि सिर्फ 20 प्रतिशत लोगों ने पुलिस को भरोसे के योग्य बताया।
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ये आंकड़े बताते हैं यूपी की हकीकत

police failed on woman security in uttar pradesh

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अविश्वास का आंकड़ा देखें, तो लगता है कि यह अविश्वास छोटे और बड़े शहरों में बराबर है। मसलन 40 लाख तक की आबादी वाले शहरों-लखनऊ, आगरा और इलाहाबाद में पुलिस पर अविश्वास का बोलबाला है, तो 10 लाख से कम की आबादी वाले झांसी में भी यही संकट है।

गंगा नगरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में अलबत्ता सिर्फ 38 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है। ऐसा ही प्रतिशत कानपुर और मेरठ का भी है। हालांकि पुलिस पर भरोसे के मामले में यह संख्या कम नहीं, लेकिन बाकी शहरों से यह आंकड़ा बेहतर दिखता है।

जहां तक भरोसे का सवाल है, तो मुरादाबाद शहर में सबसे अधिक 36 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें पुलिस पर पूरा भरोसा है। पुलिस पर भरोसा करने वालों में दूसरे और तीसरे नंबर पर क्रमश: मेरठ (29 प्रतिशत) और वाराणसी (27 प्रतिशत) रहे।

पुलिस पर सबसे कम भरोसा जताने वाले लोग इलाहाबाद में मिले, जहां सिर्फ 12 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें पुलिस पर भरोसा है, जबकि इसके बाद 13 प्रतिशत लोग गोरखपुर में मिले। हालांकि राजधानी लखनऊ में भी यह प्रतिशत 15 से ऊपर नहीं जा पाया।

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