पांच साल के मासूम पर दुष्कर्म का केस
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उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में पुलिस ने अपने कारनामों में एक और तमगा जोड़ते हुए पांच साल के मासूम को विवेचना के दौरान दुष्कर्म का आरोपी बना डाला।
गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र के इस मामले में शुक्रवार को कोर्ट में पेश हुए आरोपी मासूम को किशोर न्यायालय ने जमानत दे दी।
वहीं, थानाध्यक्ष का कहना है कि आरोपी मासूम का 12 वर्षीय बड़ा भाई है। परिवारीजन आरोपी को बचाने के लिए छोटे भाई को ढाल बना रहे हैं।
17 अक्तूबर को गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने तहरीर दी कि उसकी सात वर्षीय बेटी के साथ गांव के ही एक बच्चे ने गन्ने के खेत में छेड़छाड़ की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़खानी व पास्को एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया।
मामले की विवेचना उप निरीक्षक सुभाष विश्वकर्मा कर रहे हैं। आरोपी के वकील मोहनलाल शुक्ला ने बताया कि विवेचना के दौरान विवेचक ने मामले में दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी तथा परिवारीजनों पर आरोपी की गिरफ्तारी का दबाव बनाने लगे।
'बड़े भाई को बचा रहे परिजन'
शुक्रवार को आरोपी का पिता बेटे को लेकर किशोर न्यायालय के समक्ष पेश हुआ। बच्चे की उम्र देखते ही सब हैरान हो गए।
लोगों के मुंह से बरबस ही निकल पड़ा कि पुलिस ने बिना देखे सुने ही पांच साल के मासूम को दुष्कर्म का आरोपी बना दिया।
कोर्ट ने आरोपी को तत्काल जमानत दे दी है। इस संबंध में कोतवाल गैसड़ी उमाशंकर यादव ने बताया कि आज कोर्ट में पेश किए गए बच्चे का एक 12 वर्षीय बड़ा भाई प्रकरण में आरोपी है।
परिवारीजनों ने बड़े भाई को बचाने के लिए छोटे भाई को ढाल की तरह इस्तेमाल किया है।