फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Crime Archives ›   police arrested the kingpin of spices adulteration including 14

हर महीने बनाते थे 20 टन मिलावटी सब्जी मसाले, 14 गिरफ्तार

Thu, 19 Nov 2015 03:03 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 19 Nov 2015 03:03 PM IST
विज्ञापन
police arrested the kingpin of spices adulteration including 14

सब्जियों को जायकेदार बनाने के लिए हम जिन मसालों का इस्तेमाल करते हैं उनमें से कई मसालो में बड़ी मात्रा में मिलावट होने का खुलासा हुआ है। बड़े पैमाने पर मिलावट का करोबार करने वाला मसाला माफिया गिरफ्तार किया गया है।

विज्ञापन


टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, हैदराबाद से गिरफ्तार हुआ मसाला माफिया राजेश गुप्ता का हैदराबाद से लेकर उत्तर प्रदेश तक मिलावटी का गोरख धंधा करने वालों का नेटवर्क है। गिरफ्तार होने बाद गुप्ता ने बताया है कि वह देश के 11 बडे थोक व्यापारियों को हर महीने करीब 20 टन 700 किलो मिलावटी मसाला सप्लाई करता है।
विज्ञापन


यही मिलावटी मसाला थोक के व्यापारी खुदरा व्यापारियों को भेजते हैं। मसालों में बड़े पैमाने पर मिलावट करने के आरोप 14 लोग गिरफ्तार हुए हैं।

यूपी के सहारनपुर में होता है मिलावट का खेल

police arrested the kingpin of spices adulteration including 14

बुधवार को हैदराबाद पुलिस ने शहर के बेगम बाजार इलाके से 11 व्यापारियों समेत 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि मिलावट करने वालों के तार यूपी के सहारनपुर तक फैले हैं।

खबरों के अनुसार, मसाला माफिया राजेश गुप्ता का बेटा सहारनपुर की जलालाबाद तहसील में गल्ला व्यापारी का काम करता था लेकिन फरवरी 2010 ये वह मिलावट के कारोबार में कूद गया था।

हैदराबाद के साउथ जोन इलाके डीसीपी वी सत्यनारायण ने गुप्ता ने अपना कारोबार पूर्व सांसद अंजन कुमार यादव की बिल्डिंग में हुसैनआलम के चंद्रिकापुरम में शुरू किया था। लेकिन बाद में इसी जगह पर अंजन कुमार का भाई भी गुप्ता के पास पहुंच गया मिलावट करने की फैक्टरी शुरू कर दी।

मसालों में क्या मिलाया जाता है?

police arrested the kingpin of spices adulteration including 14

मसालों में मिलावट करने आरोपियों ने बताया है कि वे सबसे ज्यादा मिलावट काली मिर्च, खस-खस, जीरा, शाहजीरा में की जाती थी।

गुप्ता ने बताया कि मिलावट के लिए वे आटा, बनावटी रंग, सिंथेटिक गोंद, पपीता के बीज, आयरन ऑक्साइड, पत्‍थर का बुरादा, ग्लूकोज, सेमालिना, दीवारों का पेंट, सोडियम हाइड्रोसल्फाइट, झाड़ू वाली सींक, धूल और सफेद लुब्रिकैंट आयल का इस्तेमाल करते थे।

मसालों ये तमाम हानिकारक चीजें मिलाने के बाद ब्रांडेड कंपनियों के खाली डिब्बे खरीदे जाते और फिर उनमें भरकर मिलावटी मसालों को ब्रांडेड मसाला बना दिया जाता था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed