फेसबुक पर तस्वीरें शेयर करने से उभरा बड़ा खतरा
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सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने लोगों को जोड़ने का काम तो किया है लेकिन इसके खतरे दिनोंदिन बढ़ते जा रहे हैं। धोखाधड़ी, ऑनलाइन चैटिंग से प्यार और रेप के मामले लगातार सामने आते रहे हैं, लेकिन अब फेसबुक के जरिए एक नया खतरा भी उभरा है।
फेसबुक पर तस्वीरें शेयर करने वाले लोगों को अब सावधान रहने की जरूरत है। खासकर ऐसे लोग जो वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी और ट्रैवेलिंग के शौकीन हैं। उनकी एक गलती काफी बड़ा संकट खड़ा कर सकती है।
वाइल्ड लाइफ और सफारी में खींची जाने वाली तस्वीरें फेसबुक पर शेयर करने का सबसे बड़ा खतरा दुर्लभ प्रजाति के जानवरों को हो रहा है क्योंकि आपकी प्रोफाइल पर बनी है शिकारियों की नजर।
फेसबुक-टि्वटर ने बढ़ाया अस्तित्व का खतरा
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, मॉडर्न कैमरा और स्मार्टफोन के जरिए खीचीं जाने वाली तस्वीरों में फोटो का समय और लोकेशन अपने आप रिकॉर्ड हो जाता है और जब आप ये तस्वीरें सोशल नेटवर्किंग साइट जैसे फेसबुक, ट्विटर पर शेयर करते हैं तो इससे शिकारियों को उन दुर्लभ जानवरों की लोकेशन पता चलती है।
दरअसल, शिकारियों की नजर दुर्लभ शेर, चीते और हाथियों पर है, जिनकी संख्या काफी कम है और उनकी चमड़ी व दांत काफी महंगे बिकते हैं। सोशल मीडिया की तस्वीरों के जरिए वे जानवरों के आने का समय भी जान जाते हैं और वहां पहुंच कर उनका शिकार करते हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका में हर रोज तीन गैंडे शिकारियों का निशाना बन रहे हैं। ये शिकारी इन्हें मारकर इनके सींग निकालते हैं और फिर ऊंचे दामों में बेचते हैं। शिकारी इन चीजों को चाइनीज ब्लैक मार्केट में बेचते हैं।
ऐसे करते हैं जानवरों की तलाश
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया में तस्वीरें शेयर होने के बाद शिकारी इन्हें डाउनलोड करते हैं और उसकी सारी जानकारी निकालते हैं। यहां तक कि लोकेशन भी। ये शिकारी अब हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल भी करने लगे हैं, ताकि कम समय में ज्यादा दूरी तय कर सकें।
शिकारी हेलीकॉप्टर के जरिए ही जानवरों की तलाश करते हैं और फिर लॉन्ग रेंज राइफल से उनका शिकार करते हैं। शिकारी जानवरों के शरीर के अवशेष जंगल में ही छोड़कर भाग निकलते हैं, क्योंकि उन्हें सिर्फ उनके दांत और सींग की ही जरूरत है।
क्रूजर नेशनल पार्क के विलियम माबासा ने कहा कि यात्रियों को ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए जिससे जानवरों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाए।
दांत और सींग की तस्करी
जानवरों के सींग और दांतों की तस्करी के लिए शिकारी लगातार सोशल मीडिया में नजर बनाए रखते हैं।