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जेल में आटा गूंथ रहा पीयूष, मनीषा शादी को तैयार!

Sun, 03 Aug 2014 09:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 03 Aug 2014 09:20 PM IST
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piyush and manish in jail

कानपुर में पत्नी ज्योति के हत्यारोपी पीयूष श्याम दासानी को जेल के भंडारे में आटा गूंथने के काम में लगाया गया है। रोज उसे दो घंटे भंडारे में काम करना होगा। हजारों रुपये रोज खर्च करने के आदी पीयूष को इस काम का प्रतिदिन 25 रुपये मिलेगा। जेल में बंदियों ने कहा कि अब रईसजादे को आटे-दाल का भाव पता चलेगा।

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जेल प्रशासन ने ज्योति मर्डर केस के सभी अभियुक्तों को काम पर लगा दिया है। शनिवार को पेशी पर कचहरी आए कुछ बंदियों ने बताया कि पीयूष को सुबह बुलाकर कहा गया कि उसे आटा गूंथने का काम करना होगा। उसे बताया गया कि मशीन में आटा गीला होने का बाद बड़ी हौदी में डाल दिया जाता है। इसे फिर हाथ से गूंथा जाता है। इस पर पीयूष ने कहा कि वह यह नहीं कर पाएगा तो डिप्टी जेलर ने कहा कि यह तो करना होगा।
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इसके बाद भंडारे में लगे दो बंदियों को बुलाकर उसे काम पर ले जाने को कह दिया गया। रो-गाकर उसने दो घंटे तक यही काम किया। अन्य अभियुक्तों अवधेश, आशीष कश्यप और रेनू को भी भंडारे में लगाया गया है। सोनू को बैरिक की सफाई का काम दिया गया है।
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‘मनीषा बोली, पीयूष से शादी कर सकती हूं’

piyush and manish in jail

ज्योति हत्याकांड में जेल में बंद मनीषा कहती है कि जेल से छूटने के बाद पीयूष से शादी कर सकती हूं। शनिवार को पेशी पर आईं महिला बंदियों ने मनीषा का हाल-चाल बताया। कहा अब मनीषा ज्यादा परेशान नहीं है। पूछने पर वह पीयूष को अपना दोस्त बताती है।

ज्योति की हत्या के बारे में पता होने की बात पर वह चुप हो जाती है। साथी बंदियों ने उससे पूछा कि अगर दोनों लोग छूट गए तो क्या वह सब कुछ जानते हुए पीयूष से शादी करेगी तो उसने कहा कि हां कर सकती हूं। पहले छूट तो जाऊं। उसने बंदियों को बताया है कि पीयूष की अपनी पत्नी ज्योति से बनती नहीं थी। यह बात खुद पीयूष ने ही उसे बताई थी।

ज्योति मर्डर केस में अभियुक्त पीयूष की प्रेमिका मनीषा मखीजा के लिए जेल में दो इंगलिश कमोड मंगवाए गए हैं। उसके परिजन उसे खाने-पीने का सामान भी पहुंचा रहे हैं। कचहरी पेशी पर आई महिला बंदियों ने बताया कि मनीषा ने जेल में पहुंचते ही इंगलिश कमोड की मांग की थी। जेल में इस समय दो कमोड पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि एक कमोड जेल प्र्रशासन ने तो दूसरा कमोड मनीषा के परिजनों ने भेजा है। इन्हें लगवाने की तैयारी हो रही है। इस बारे में बात करने के लिए जेल अधीक्षक पीडी सलोनिया और जेलर एके सिंह को दो बार फोन मिलाया गया लेकिन नहीं उठा।

वीडियो कांफ्रेसिंग से होगी पेशी
स्वरूप नगर पुलिस ने ज्योति मर्डर केस में पति पीयूष समेत पांच अभियुक्तों की पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की अर्जी सीएमएम सत्यदेव गुप्ता की कोर्ट में दी है। शनिवार को इसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने चार अगस्त को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सभी अभियुक्तों को तलब किया है। अभियुक्तों का पक्ष जानने के बाद कोर्ट पुलिस कस्टडी पर फैसला सुना सकती है। पुलिस ने मनीषा मखीजा को छोड़कर सभी अभियुक्तों के रिमांड के लिए अर्जी डाली है।

चूमने वाले सीओ के निलंबन की संस्तुति

piyush and manish in jail

शुक्रवार को पुलिस रिमांड के दौरान थाने में ज्योति हत्याकांड के मुख्य आरोपी पीयूष श्याम दासानी का माथा चूमने वाले सीओ स्वरूपनगर राकेश नायक को सस्पेंड करने की संस्तुति एसएसपी के. सुनील इमैनुएल ने कर दी है। आईजी आशुतोष पांडेय ने इस पर अपनी मुहर लगाते हुए रिपोर्ट डीजीपी को भेज दी है। यह कार्रवाई इस मामले की जांच कर रहे एसपी पूर्वी प्रभाकर चौधरी की रिपोर्ट पर की गई है। एसपी ने जांच में सीओ को दोषी पाया है। एसपी की जांच रिपोर्ट के अनुसार सीओ राकेश नायक के इस कृत्य से पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है। इसलिए उनका पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।

आईजी आशुतोष पांडेय ने शनिवार को अपने दफ्तर में प्रेस कांफ्रेस कर कहा कि सीओ का कृत्य शर्मनाक है। डीजीपी ने भी नाराजगी जाहिर की है। एसपी पूर्वी ने शुक्रवार रात ही अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दे दी थी। रात में ही शासन को रिपोर्ट भेजकर कह दिया गया यह सीओ सिविल पुलिस में रहने के काबिल नहीं हैं। इन्हें साइड पोस्टिंग में भेजा जाए। शनिवार को एसपी पूर्वी ने सीओ के खिलाफ जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी। इसमें कहा गया है कि सीओ ने ज्योति हत्याकांड के मुख्य आरोपी पीयूष के साथ हमदर्दी दिखाकर संवेदनहीनता का परिचय दिया है। इससे पूरे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है और इस हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस के प्रति जनता का विश्वास डगमगाया है। इसलिए सीओ राकेश नायक का पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।

एसपी की रिपोर्ट के आधार ही सीओ के निलंबन की संस्तुति की गई है। आईजी ने कहा कि भविष्य में इस हत्याकांड की विवेचना से जुड़े पुलिसकर्मी या अफसर किसी तरह की लापरवाही अथवा संवेदनहीनता बरतेंगे तो दोषी के खिलाफ साक्ष्य मिटाने (आईपीसी की धारा 201) केतहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

चूल से चूल मिलाकर होगी विवेचना

piyush and manish in jail

ज्योति हत्याकांड की विवेचना को पारदर्शी रखने के लिए शहर के सात सबइंस्पेक्टर और अभियोजन अधिकारियों की टीम को विवेचना का काम सौंपा है। आईजी ने बताया कि हत्याकांड की जांच में एक विवेचक के साथ छह सह विवेचकों की टीम बनाई गई है। विवेचना का पर्यवेक्षण एसपी पूर्वी प्रभाकर चौधरी करेंगे। शनिवार को विवेचकों और पर्यवेक्षण अधिकारी के साथ मीटिंग कर जांच के हर बिन्दु पर चर्चा की गई है। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर ही मंथन हुआ।

तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है। जिस रास्ते से पीयूष कार से ज्योति को लेकर घर से रैना मार्केट के वारांडा रेस्टोरेंट गया, वहां से जिस रास्ते से सीएसए से रावतपुर मार्ग पर पहुंचा, वहां से सुपारी किलरों को सौंपने और फिर सुपारी किलरों के ज्योति को कार से पनकी तक ले जाने वाले पूरे मार्ग की गतिविधियों की बिन्दुवार पड़ताल हो रही है। इस रास्ते में लगे दुकानों, बंगले और पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरों को पता लगाकर उससे फुटेज पाने का प्रयास चल रहा है। गवाह और सबूत भी तलाशे जा रहे हैं। घटना से जुड़े गवाहों का कोर्ट में कलमबंद (164) का बयान भी कराया जाएगा।

आईजी ने बताया कि ज्योति, पीयूष, मनीषा समेत अन्य आरोपियों से मिले मोबाइल फोन की भी पड़ताल चल रही है। इनके मोबाइल की कॉल डिटेल (सीडीआर) और एसएमएस का पैक तैयार कराया जा रहा है। पीयूष के मोबाइल के पिछले तीन महीनों के मैसेज की डिटेल मिल गई है। डिटेल 700 पेज की है। इनमें मनीषा और अन्य हत्यारोपियों के बीच हुई मैसेजिंग का ब्योरा खंगाला जा रहा है। अभी मनीषा और अन्य हत्यारोपियों की कॉल डिटेल और मैसेज का ब्योरा आना बाकी है। आईजी का कहना है कि ज्योति हत्याकांड की जांच सीबीआई की तर्ज पर हो रही है। विवेचना का एक्शन प्लान बनाया गया है। सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर की फर्द कैसे लिखी जाए, विवेचना किस तरह की जाए ताकि आरोपियों को सजा मिल सके, इसलिए विवेचना में जानकार और लिखापढ़ी में माहिर सबइंस्पेक्टरों को लगाया गया है।

अभियोजन अधिकारी भी विवेचना में सहयोग करेंगे। वह, डीआईजी, एसएसपी और एसपी पूर्वी हर तीन दिन में विवेचना की समीक्षा करेंगे। इसकी प्रगति से पीड़ित पक्ष (ज्योति के घरवालों) को भी अवगत कराया जाएगा। ताकि जांच की पारदर्शिता बनी रहे। प्रेस कांफ्रेंस में आईजी के साथ डीआईजी आरके चतुर्वेदी, एसएसपी के. सुनील इमैनुएल और एसपी पूर्वी प्रभाकर चौधरी भी मौजूद रहे।

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